- एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार व कूटरचित लाइसेंस बरामद
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देशन में कोतवाली कुण्डा पुलिस और एसओजी काशीपुर/रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त देवभूमि अभियान के तहत जनपद में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि कुछ लोग बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियार रख रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने स्वयं संज्ञान लेते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जांच के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान संदिग्ध लाइसेंसों का सत्यापन जिलाधिकारी तरणतारण (पंजाब) कार्यालय से कराया गया। वहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संबंधित लाइसेंस उनके कार्यालय से जारी नहीं किए गए थे और अभिलेखों में भी दर्ज नहीं थे। साथ ही लाइसेंस धारकों द्वारा शस्त्रों के नवीनीकरण और जमा कराने संबंधी कोई वैध रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिला।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जिन पतों का उल्लेख किया था, वे भी संदिग्ध पाए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कोतवाली कुण्डा में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने स्वयं को पंजाब का निवासी दर्शाकर कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए थे और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपी
- अजय सिंह (31 वर्ष), निवासी ग्राम छिनकी, थाना किच्छा, जनपद ऊधमसिंहनगर।
- अनूप सिंह (40 वर्ष), निवासी ग्राम भरतपुर, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर।
बरामदगी
- दो पिस्टल (.32 बोर)
- दो रायफल (.315 बोर)
- 16 जिंदा कारतूस
- दो कूटरचित शस्त्र लाइसेंस
- एक मोबाइल फोन
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध हथियार और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
