- पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया; दरोगा को लगी गोली, साथी फरार
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में शुक्रवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मेहताब मारा गया। मुठभेड़ के दौरान कांधला थाने में तैनात दरोगा दीपचंद भी बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घायल दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि मेहताब को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसका एक साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार कांबिंग अभियान चला रही हैं।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि खंद्रावली पुलिस चौकी के पास दो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कैराना के मोहल्ला आलकलां निवासी 50 हजार का इनामी बदमाश मेहताब गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मुठभेड़ के दौरान दरोगा दीपचंद भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मेहताब को मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से पुलिस ने बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल, 9 एमएम की पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया।
पुलिस के मुताबिक मेहताब एक शातिर अपराधी था, जिसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती सहित गंभीर अपराधों के 25 मुकदमे दर्ज थे। वह शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में भी अपने गिरोह के साथ सक्रिय था। पुलिस का दावा है कि गिरोह की कमान भी उसी के हाथ में थी।
एसपी ने बताया कि एक मार्च को मेहताब ने पानीपत में तैनात एक महिला कांस्टेबल से सोने के कुंडल लूट लिए थे। इसके अलावा उसने आदर्श मंडी क्षेत्र में किसानों से लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। पुलिस अब फरार बदमाश की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
