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  • अस्पताल के पास होटल में ठहरा था अग्रवाल परिवार, धुएं और लपटों के बीच खत्म हो गई खुशियां

 

नई दिल्ली। कुछ हादसे केवल आंकड़े नहीं होते, बल्कि कई परिवारों की पूरी दुनिया उजाड़ देते हैं। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने भी ऐसी ही दर्दनाक कहानी पीछे छोड़ दी है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, लेकिन सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली कहानी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी अग्रवाल परिवार की है। जो परिवार अपने बुजुर्ग सदस्य की जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर दिल्ली आया था, उसी परिवार के कई सदस्य इस भयावह हादसे का शिकार हो गए।

 

पिता के इलाज के लिए दिल्ली पहुंचा था परिवार

 

जानकारी के अनुसार परिवार के बुजुर्ग सदस्य राधेश्याम अग्रवाल फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के उपचार के लिए मालवीय नगर स्थित अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल आने-जाने और उनकी देखभाल में सुविधा हो, इसलिए परिवार के सदस्य पास के एक होटल में ठहरे हुए थे। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद सब पहले जैसा सामान्य हो जाएगा, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एक रात उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल देगी।

 

कुछ ही मिनटों में मौत का जाल बन गया होटल

 

हादसे के दौरान होटल में आग लगने के बाद तेजी से धुआं फैल गया। देखते ही देखते गलियारों और कमरों में धुआं भरने लगा। आग और धुएं के बीच फंसे कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। रेस्क्यू टीमों ने लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

 

एक ही परिवार के कई सदस्य बने हादसे का शिकार

 

बताया जा रहा है कि हादसे में अग्रवाल परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई। परिवार के लोग बुजुर्ग सदस्य का हाल जानने और उनकी देखभाल के लिए दिल्ली पहुंचे थे। जो लोग अपनों का सहारा बनने आए थे, वही इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए।

 

21 लोगों की मौत से दहली राजधानी

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार इस अग्निकांड में कई लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में भारतीय नागरिकों के साथ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आग लगने के कारणों के साथ होटल में सुरक्षा इंतजाम, फायर सेफ्टी व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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