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  • शराब और तंबाकू सेवन को लेकर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के आंकड़ों ने दिखाया ग्रामीण-शहरी अंतर

 

आमतौर पर माना जाता है कि शहरों की आधुनिक जीवनशैली में शराब सेवन का चलन अधिक होता है, लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS) के आंकड़े एक अलग तस्वीर सामने रखते हैं। सर्वे के अनुसार शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में शराब सेवन की दर अधिक दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि देश में महिलाओं के बीच शराब सेवन की कुल दर में मामूली गिरावट भी देखने को मिली है।

 

क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े?

 

– स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की महिलाओं में शराब सेवन की राष्ट्रीय दर पहले की तुलना में थोड़ी कम हुई है।

 

– पिछले सर्वे में जहां महिलाओं में शराब सेवन की दर 1.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी, वहीं नए आंकड़ों में यह घटकर करीब 1.1 प्रतिशत दर्ज हुई है।

 

– ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की तुलना करें तो अंतर साफ दिखाई देता है।

 

– शहरी क्षेत्रों में लगभग 0.5 प्रतिशत महिलाओं ने शराब सेवन की बात स्वीकार की, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 1.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।

 

– यानी कुल संख्या कम होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में शराब सेवन की दर शहरों की तुलना में अधिक सामने आई है।

 

पुरुषों में भी ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सेवन

 

सर्वे के अनुसार पुरुषों में भी शराब सेवन का स्तर महिलाओं की तुलना में काफी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पुरुषों में शराब सेवन की दर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक देखी गई है। कुछ राज्यों में शराब सेवन की दर राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में शराब सेवन का प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया है।

 

यूपी में पुरुषों में बढ़ा शराब सेवन

 

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में शराब सेवन की प्रवृत्ति में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले सर्वे में जहां यह आंकड़ा 14.5 प्रतिशत था, वहीं नए सर्वे में यह बढ़कर करीब 18.7 प्रतिशत पहुंच गया है। यह राष्ट्रीय औसत के आसपास है। खास बात यह है कि प्रदेश में महिलाओं में शराब सेवन का आंकड़ा लगभग स्थिर बताया गया है।

 

तंबाकू सेवन में भी गांव-शहर का अंतर

 

शराब के साथ तंबाकू सेवन को लेकर भी सर्वे में महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। महिलाओं में तंबाकू सेवन की दर में मामूली कमी दर्ज की गई है। पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 8.9 प्रतिशत था, जो घटकर करीब 8.4 प्रतिशत हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में तंबाकू सेवन की दर करीब 10 प्रतिशत बताई गई है। वहीं पुरुषों में तंबाकू सेवन अब भी बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। सर्वे के अनुसार देश में बड़ी संख्या में पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रतिशत अधिक है।

 

आंकड़े सिर्फ आदत नहीं, स्वास्थ्य की चुनौती भी बताते हैं

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शराब और तंबाकू का सेवन लंबे समय में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, लिवर संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़ों को केवल सामाजिक बदलाव के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत के रूप में भी देखा जाना चाहिए। बदलती जीवनशैली के दौर में जागरूकता, सही जानकारी और स्वस्थ आदतें ही समाज को बेहतर दिशा दे सकती हैं।

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