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  • देहरादून में ट्यूशन से लौट रहे 17 वर्षीय छात्र की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

देहरादून:
मोबाइल और हेडफोन का बढ़ता हुआ क्रेज आज की युवा पीढ़ी के लिए किस कदर जानलेवा साबित हो रहा है, इसका एक बेहद हृदयविदारक और खौफनाक मामला राजधानी देहरादून से सामने आया है। यहाँ नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अजबपुर कलां में रेलवे ट्रैक पार करते समय एक 17 वर्षीय छात्र की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र के कानों में हेडफोन (लीड) लगी हुई थी, जिसके चलते वह ट्रेन का हॉर्न नहीं सुन सका और समय रहते पटरी से नहीं हट पाया।

ट्यूशन से घर लौट रहा था इकलौता चिराग:
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग निवासी अभिनव कुमार (17 वर्ष) पुत्र ताराचंद, वर्तमान में अपने परिवार के साथ देहरादून के बैंक कॉलोनी, अजबपुर कलां में रह रहा था। मंगलवार शाम को वह रोज़ की तरह ट्यूशन पढ़कर अपने घर वापस लौट रहा था। घर जल्दी पहुँचने के चक्कर में उसने रेलवे ट्रैक वाले शॉर्टकट रास्ते का चयन किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक पर पैदल चलते समय अभिनव पूरी तरह मोबाइल में व्यस्त था और उसने कानों में हेडफोन लगा रखे थे।

ट्रेन चालक बजाता रहा हॉर्न, पर बेअसर रही चेतावनी:
उसी दौरान पटरी पर पीछे से तेज गति में एक ट्रेन आ रही थी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, ट्रैक पर किशोर को पैदल चलते देख ट्रेन के लोको पायलट (चालक) ने लगातार कई बार बेहद तेज हॉर्न बजाकर उसे चेतावनी देने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन कानों में संगीत या मोबाइल की लीड लगे होने के कारण अभिनव तक वो आवाज़ पहुँच ही नहीं सकी। वह पूरी तरह बेखबर पटरी पर चलता रहा।

अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम:
नतीजतन, अभिनव समय रहते ट्रैक से दूरी नहीं बना पाया और ट्रेन की जोरदार चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसका एक पैर मौके पर ही कट गया और वह लहूलुहान होकर ट्रैक के किनारे दूर जा गिरा। दिल दहला देने वाले इस हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और लहूलुहान छात्र को आनन-फानन में दून अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की भारी कोशिशों के बाद भी उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच और गवाहों के बयानों से साफ है कि किशोर के कानों में मोबाइल की लीड लगी हुई थी, जिसके कारण वह ट्रेन के हॉर्न और उसकी गड़गड़ाहट की आवाज़ को भांप नहीं सका। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

नवभारत मीडिया अपने सभी पाठकों, विशेषकर युवाओं और अभिभावकों से अपील करता है कि सड़कों, चौराहों या रेलवे ट्रैक के आसपास मोबाइल और हेडफोन का उपयोग बिल्कुल न करें। आपकी चंद मिनटों की यह लापरवाही आपके पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला ताउम्र का दर्द दे सकती है।

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