- संतों का सान्निध्य समाज को देता है आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा : ठुकराल
रुद्रपुर। श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज के प्रकटोत्सव समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने समारोह में पहुंचकर संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उन्हें प्रकटोत्सव की शुभकामनाएं दीं। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संतजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि संत महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके विचार और मार्गदर्शन लोगों को सत्य, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संतों का सान्निध्य समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना को भी मजबूत करता है।
ठुकराल ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है। ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन न केवल लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता को भी सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संतों और ऋषियों की परंपरा सदैव समाज के उत्थान और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती रही है।
उन्होंने संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर जनकल्याण की कामना करते हुए कहा कि उनके सान्निध्य से हजारों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन, आत्मिक शांति और जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि महाराज जी द्वारा समाज में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं।
प्रकटोत्सव समारोह के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
समारोह के अंत में संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज के दीर्घायु एवं लोककल्याण की मंगल कामना के साथ प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा से भरपूर कार्यक्रम बताया।
