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  • 300 दिनों तक कमरे और टॉयलेट में रखा कैद!
  • देहरादून में विवाहिता पर ससुरालियों की बर्बरता की खौफनाक इनसाइड स्टोरी
  • आरोपी पति दिल्ली में सरकारी टीचर

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से मानवता को शर्मसार और रोंगटे खड़े कर देने वाला एक एक्सक्लूसिव मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता के लिए उसका अपना ही ससुराल ‘टॉर्चर रूम’ बन गया। पीड़िता को पिछले 10 महीने यानी करीब 300 दिनों तक घर के एक कमरे और शौचालय में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे अमानवीय और क्रूर शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गईं। इस पूरी हैवानियत का मुख्य आरोपी कोई अनपढ़ व्यक्ति नहीं, बल्कि दिल्ली के वीर सावरकर स्कूल में तैनात एक सरकारी शिक्षक (पति) है, जिसने अपने माता-पिता के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर सेलाकुई थाना पुलिस ने पति राहुल खंडूड़ी, सास और ससुर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

300 दिनों का वो नरक: कच्चे चावल, प्याज और मिर्च पर रखा जिंदा

पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह बर्बरता जुलाई 2025 से शुरू होकर मई 2026 तक लगातार चलती रही। इस दौरान महिला को बाहरी दुनिया, समाज और रिश्तेदारों से पूरी तरह काट दिया गया। प्रताड़ना की हद यह थी कि जब भी मायके वाले फोन करते, तो ससुराल पक्ष बहाने बनाकर बात टाल देता था। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि फरवरी 2025 में महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन प्रताड़ना के दौरान उसे अपने ही कलेज के टुकड़ों से अलग कर दिया गया। उसे बच्चों को गोद में लेने तक की इजाजत नहीं थी। उसे पेट भर खाना तक नसीब नहीं होता था; खाने के नाम पर केवल कच्चे चावल, एक प्याज, नमक और हरी मिर्च देकर छोड़ दिया जाता था।

पाइप, कुर्सी और लोहे के तारों से पिटाई

एफआईआर में दर्ज आरोप रूह कंपा देने वाले हैं। आरोपियों ने महिला को पीटने के लिए डंडे, प्लास्टिक के पाइप, लोहे की तार और कुर्सियों का इस्तेमाल किया।वानर रूपी ससुरालियों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी; पीड़िता के संवेदनशील और प्राइवेट पार्ट्स पर बोतल व डंडों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। मेडिकल परीक्षण में महिला के शरीर पर बेरहमी से की गई मारपीट के गहरे और गंभीर निशान पाए गए हैं, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। पीड़िता के पिता ने बताया कि जब भी पति राहुल खंडूड़ी दिल्ली से छुट्टी लेकर घर आता था, तो वह सुधरने के बजाय माता-पिता के साथ मिलकर पत्नी की बेरहमी से पिटाई शुरू कर देता था।

जब रेस्क्यू हुई तो साल और तारीख तक भूल चुकी थी पीड़िता

बेटी से महीनों तक संपर्क न होने पर जब अनहोनी की आशंका हुई, तो पिता स्थानीय ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर सेलाकुई स्थित ससुराल पहुंचे। भारी विरोध के बीच 26 मई को महिला को उस नरक से सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के समय महिला की मानसिक और शारीरिक स्थिति इस कदर खराब हो चुकी थी कि गहरा सदमा लगने के कारण वह मौजूदा दिन, तारीख, महीना और यहाँ तक कि साल (2026) तक भूल चुकी थी। परिवार ने तुरंत उसे डॉक्टरों के पास ले जाकर उसका इलाज और विस्तृत मेडिकल परीक्षण कराया।

पुलिस का बयान: होगी सख्त कार्रवाई

सेलाकुई थाना प्रभारी लोकपाल परमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पीड़िता और उसके पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी पति राहुल खंडूड़ी, सास और ससुर के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “26 मई को जब महिला को निकाला गया था, तब भी पुलिस को सूचित किया गया था। अब विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों को जांच का मुख्य आधार बनाया गया है। प्रथम दृष्टया महिला के साथ भीषण बर्बरता किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएगी।”

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