- काली नदी में कूदने की कोशिश से मचा हड़कंप
- परिजनों और पुलिस ने समय रहते बचाया
- बाल कल्याण समिति की निगरानी में भेजी गई किशोरी
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी हैरानी में डाल दिया। नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट क्षेत्र में एक 28 वर्षीय विवाहिता और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के बीच प्रेम संबंध का मामला प्रकाश में आया है। दोनों एक-दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़ गईं और परिजनों के विरोध के बाद कथित रूप से जान देने तक का प्रयास कर डाला।
जानकारी के अनुसार झूलाघाट क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता वर्तमान में पिथौरागढ़ नगर में किराये के मकान में रहती है। बताया जा रहा है कि किशोरी का विवाहिता के गांव में रिश्तेदारी के कारण आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच पहले परिचय हुआ, फिर दोस्ती और बाद में यह संबंध प्रेम-प्रसंग में बदल गया।
मामला उस समय सामने आया जब विवाहिता स्वयं झूलाघाट कोतवाली पहुंची और किशोरी को बुलाने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने किशोरी और उसके परिजनों को कोतवाली बुलाया। पूछताछ के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम संबंध की बात स्वीकार की और साथ रहने की इच्छा जताई। यह सुनकर परिजन भी स्तब्ध रह गए।
पुलिस ने दोनों को कानूनी स्थिति, उम्र के अंतर और सामाजिक परिस्थितियों के बारे में समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली काउंसलिंग के बाद दोनों को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। हालांकि कोतवाली से निकलने के बाद दोनों घर जाने के बजाय काली नदी के किनारे पहुंच गईं।
आशंका होने पर परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों नदी में छलांग लगाने की योजना बना रही थीं। समय रहते पुलिस और परिजनों की सक्रियता से बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार विवाहिता छह वर्ष की एक बच्ची की मां है, जबकि उसका पति दिल्ली में निजी नौकरी करता है। मामले के बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा भी चला, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अड़ी रहीं।
पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत नाबालिग किशोरी को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेजा गया है, जबकि विवाहिता को आवश्यक कानूनी चेतावनी दी गई है। फिलहाल किशोरी बाल कल्याण समिति की निगरानी में रहेगी और मामले की आगे की जांच जारी है।
