- ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसएसपी अजय गणपति की बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ 54 लाख रुपये के असली एवं नकली नोट बरामद, दो शातिर गिरफ्तार
रुद्रपुर।
ऊधमसिंहनगर में नकली नोटों के एक बड़े और बेहद शातिर खेल का पर्दाफाश करते हुए गदरपुर पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। ऊपर से असली और नीचे नकली नोट रखकर लोगों को ठगने की तैयारी कर रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 4 करोड़ 54 लाख रुपये मूल्य के असली एवं नकली नोट बरामद किए गए हैं। नकली नोटों पर “Children Bank of India” अंकित था, जिन्हें बेहद चालाकी से असली नोटों के बीच रखा गया था ताकि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति को जनपद में सख्ती से लागू करते हुए एसएसपी अजय गणपति लगातार अपराधियों, आर्थिक अपराधों में शामिल गिरोहों, नशा तस्करों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ा शिकंजा कस रहे हैं। जनपद के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संगठित अपराध और आम जनता को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
इसी क्रम में गदरपुर पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और आपराधिक गतिविधियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सैफ्टा फार्म रोड स्थित पंचपुरी गूलरभोज के पास एक खोखे में कुछ लोग भारी मात्रा में संदिग्ध नोटों के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और बिना समय गंवाए मौके पर दबिश दी गई।
पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली तो वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। कई गड्डियों में ऊपर भारतीय रिजर्व बैंक के असली 500 रुपये के नोट लगाए गए थे, जबकि नीचे “Children Bank of India” लिखे नकली नोट रखे गए थे। पहली नजर में यह गड्डियां पूरी तरह असली प्रतीत हो रही थीं। पुलिस को शक है कि आरोपी इन नोटों को बाजार में खपाकर बड़े स्तर पर लोगों को ठगने की तैयारी में थे।
मौके से भारी मात्रा में नकली और असली नोट बरामद किए गए। बरामदगी में 500 रुपये के नकली नोटों की कई गड्डियां शामिल हैं। एक काले-सफेद धारीदार बैग में 157 गड्डियां नकली नोटों से भरी मिलीं। कुल मिलाकर लगभग 4 करोड़ 54 लाख रुपये मूल्य की बरामदगी होने से पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में मामला संगठित आर्थिक अपराध और फर्जी करेंसी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पहला आरोपी मुनतियाज पुत्र साहिद निवासी केशव नगर वार्ड नंबर 6 थाना बाजपुर जनपद ऊधमसिंहनगर है जिसकी उम्र 24 वर्ष बताई जा रही है। दूसरा आरोपी मनोज कुमार पुत्र दूधनाथ निवासी ग्राम पंचपुरी कोपा गूलरभोज थाना गदरपुर जनपद ऊधमसिंहनगर है जिसकी उम्र 41 वर्ष है।
पूछताछ के दौरान पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह नकली नोट कहां से लाए गए, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन क्षेत्रों में इन्हें खपाने की योजना बनाई जा रही थी। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह संभावना भी जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं।
इस मामले में कोतवाली गदरपुर में FIR संख्या 141/2026 धारा 179/180/3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
एसएसपी अजय गणपति ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि ऊधमसिंहनगर में आर्थिक अपराध, नकली नोट, नशा और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद पुलिस पूरी सतर्कता, प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है और आगे भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस पूरी कार्रवाई में SHO भूपेन्द्र सिंह बृजवाल, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह खड़ायत, उपनिरीक्षक मुकेश मिश्रा समेत गदरपुर पुलिस टीम के कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता और सक्रियता के चलते करोड़ों रुपये के इस फर्जी करेंसी नेटवर्क का समय रहते पर्दाफाश हो सका।
ऊधमसिंहनगर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम लोगों में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है।
