- 1930 हेल्पलाइन या NCRP पर शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित ऑनलाइन कर सकेंगे रिफंड आवेदन, सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा पैसा
रुद्रपुर। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार लोगों को राहत देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के तहत Money Restoration Module (MRM) पोर्टल को लाइव कर दिया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब साइबर ठगी के पीड़ित घर बैठे अपनी होल्ड (फ्रीज) कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए ऑनलाइन रिफंड आवेदन कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उधम सिंह नगर ने बताया कि इस डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से पीड़ितों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रिफंड की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और पात्र मामलों में धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
पोर्टल पर केवल वही नागरिक आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने साइबर ठगी की शिकायत समय रहते 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई हो तथा उन्हें 14 अंकों का Registered Acknowledgement Number प्राप्त हुआ हो। साथ ही, संबंधित मामले में ठगों के बैंक खातों में पीड़ित की राशि होल्ड (फ्रीज) कराई गई हो।
अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा केवल उन मामलों में उपलब्ध होगी जहां धनराशि अभी भी होल्ड स्थिति में है। यदि आरोपी खाते से पैसा निकाला जा चुका है, तो ऐसे मामलों में इस पोर्टल के माध्यम से रिफंड नहीं किया जाएगा।
रिफंड प्रक्रिया को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ₹50,000 तक की होल्ड राशि या अलग-अलग खातों में ₹50,000 से कम राशि वाले मामलों में FIR और कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं होगी तथा पुलिस आख्या और इंडेमनिटी बॉन्ड के आधार पर रिफंड किया जाएगा। वहीं, एक ही खाते में ₹50,000 से अधिक की होल्ड राशि होने पर FIR दर्ज होना अनिवार्य होगा और आगे की कार्रवाई पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
रिफंड प्राप्त करने के लिए पीड़ितों को MRM पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत संख्या दर्ज करनी होगी, OTP के माध्यम से लॉगिन करना होगा तथा बैंक खाता विवरण, IFSC कोड और PAN कार्ड अपलोड कर आवेदन जमा करना होगा। आवेदन के बाद एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी जारी की जाएगी, जिससे रिफंड की स्थिति ट्रैक की जा सकेगी।
एसएसपी ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है और नागरिक किसी भी बिचौलिए या फर्जी लिंक के झांसे में न आएं। ऑनलाइन आवेदन में किसी प्रकार की समस्या होने पर नजदीकी थाना या साइबर सेल से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
