रुद्रपुर। राज्य कर विभाग के उपायुक्त (डीसी) श्री विनय ओझा के रुद्रपुर से प्रदेश मुख्यालय देहरादून स्थानांतरण होने पर आज उनके कार्यालय में रुद्रपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने श्री ओझा के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
व्यापारियों ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान श्री विनय ओझा ने हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका समाधान कराने का हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए पारदर्शी एवं सकारात्मक कार्यशैली अपनाई, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में काफी सहायता मिली। व्यापारियों ने कहा कि व्यापार करते समय अनेक बार विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसे प्रत्येक अवसर पर श्री ओझा ने सहज, सरल और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए व्यापारियों का मार्गदर्शन किया तथा कई जटिल मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि राज्य कर उपायुक्त श्री विनय ओझा एक कुशल, संवेदनशील एवं व्यवहार-कुशल अधिकारी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में हमेशा नियमों के अनुरूप कार्य करते हुए व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को समझा और उनका समाधान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सहयोगात्मक रवैये को रुद्रपुर का व्यापारी वर्ग सदैव याद रखेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनते हैं।
विदाई समारोह के दौरान व्यापारियों ने श्री विनय ओझा को पुष्पगुच्छ भेंट कर, फूलों की माला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी व्यापारियों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना करते हुए देहरादून में नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर व्यापार मंडल के पूर्व महामंत्री हरीश अरोरा, युवा व्यापार मंडल के पूर्व कोषाध्यक्ष पवन गाबा (पल्ली), व्यापार मंडल जिला मंत्री राजकुमार सिकरी, शिवेन सेठी, हरीश घई, शरण पाल गगनेजा, सुमित कुमार, मनोज कक्कड़, इरशाद अहमद, पंकज सुखीजा, राजकुमार भुसरी, निशांत खेड़ा, दानिश अहमद, अंशुल अग्रवाल, सत्यम अरोरा सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
