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  • बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर जमा कराई जा रही थी रकम, पुलिस ने 11 खाता पुस्तिकाएं, 10 बॉन्ड पेपर और 7 किस्त रसीदें की बरामद

सितारगंज। आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी के मामले में सितारगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए RD/FD खातों के नाम पर लोगों से धनराशि जमा कराने वाले वांछित कलेक्शन एजेंट राजेन्द्र प्रसाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर करीब 50 से 60 खाताधारकों से लगभग 15 से 20 लाख रुपये की धनराशि एकत्र कर गबन किए जाने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी 2026 को मझरा सिसौना निवासी रविता राणा की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में FIR संख्या 18/2026, धारा 316(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि राजेन्द्र प्रसाद ने बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर लोगों के RD/FD खाते खुलवाए और उनसे नियमित रूप से धनराशि जमा कराई, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद खाताधारकों को रकम वापस नहीं मिली।

छोटी-छोटी किस्तों के नाम पर जमा कराता था रकम

विवेचना में सामने आया कि राजेन्द्र प्रसाद खुद को कंपनी का फील्ड मार्केटिंग/कलेक्शन एजेंट बताकर लोगों को RD/FD खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद वह खाताधारकों से प्रतिदिन 50, 100, 150 रुपये अथवा निर्धारित किस्त के रूप में नकद धनराशि लेकर उनकी खाता पुस्तिका में प्रविष्टि करता और हस्ताक्षर करता था।

पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान पीड़ितों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर और 7 मूल किस्त रसीदें पुलिस ने कब्जे में लीं।

करीब 15 से 20 लाख रुपये एकत्र करने की बात

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 5 जून 2023 को कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में नियुक्त हुआ था और सितारगंज क्षेत्र में खाताधारकों से धनराशि जमा कराने का काम करता था। उसके अनुसार करीब 50-60 लोगों के खाते खोले गए और उनसे एकत्र लगभग 15-20 लाख रुपये अजय गंगवार तथा राजकुमार गंगवार को दिए गए।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर किए जाने की बात भी बताई है। खाताधारकों को करीब एक वर्ष बाद मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया था। अवधि पूरी होने के बाद रकम वापस नहीं मिलने पर आरोपी ने सितारगंज क्षेत्र में कलेक्शन का काम बंद कर दिया और करीब छह माह से फरार चल रहा था।

सितारगंज मंडी से पुलिस ने दबोचा

पुलिस के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही, कांस्टेबल कमल गहतौड़ी के साथ चौकी सिडकुल क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित राजेन्द्र प्रसाद सितारगंज मंडी में मौजूद है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 2 अक्टूबर की शाम चौकी सिडकुल क्षेत्र से राजेन्द्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया।

तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और अब तक की विवेचना में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार और गीता देवी के नाम सामने आए हैं। आरोपी के अनुसार अजय गंगवार कंपनी के चेयरमैन, राजकुमार गंगवार मैनेजिंग डायरेक्टर और गीता देवी डायरेक्टर हैं।

प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर धारा 61(2)/3(5) BNS की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार प्रकाश में आए व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपी

राजेन्द्र प्रसाद पुत्र सीताराम, निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, जनपद पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, उम्र 42 वर्ष।

पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक सुन्दरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, उपनिरीक्षक जगत सिंह साही, हेड कांस्टेबल मतलूब ख़ान और कांस्टेबल कमल गहतौड़ी शामिल रहे।

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