- पुरानी रंजिश में हुई फायरिंग के मामले में एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में कार्रवाई, अवैध पिस्टल, तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद
रुद्रपुर/गदरपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ऊधम सिंह नगर पुलिस ने गदरपुर फायरिंग कांड में बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में गदरपुर पुलिस ने फायरिंग की घटना में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, दो स्कॉर्पियो वाहन और अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को सहजपाल सिंह निवासी ग्राम बेरिया दौलत की तहरीर पर कोतवाली गदरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि बाजपुर क्षेत्र में हुई पुरानी मारपीट की रंजिश के चलते 26 जुलाई की शाम सरदार नगर अंडरपास कट के पास नामजद आरोपियों ने उन पर और उनके साथियों पर जानलेवा फायरिंग की। इस दौरान उनके मित्र गुरशरण उप्पल उर्फ गगन के पैर में गोली लगी, जबकि वादी और उनके साथी सौरभ बाबा के साथ भी मारपीट कर उन्हें घायल किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने वांछित आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक काशीपुर, पुलिस अधीक्षक अपराध रुद्रपुर तथा क्षेत्राधिकारी बाजपुर के पर्यवेक्षण में निरीक्षक कोतवाली गदरपुर के नेतृत्व में गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से 3 अगस्त 2026 को हरिपुरा जलाशय के पास गूलरभोज क्षेत्र से चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर सिंह विर्क, आकाशदीप सिंह, प्रशांत सिंह उर्फ मनी उर्फ पिद्दी तथा सौरभ कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध .32 बोर देशी पिस्टल, एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक बांस का डंडा तथा घटना में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) तथा आयुध अधिनियम की धारा 3/25 की बढ़ोतरी करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से भी मारपीट, आपराधिक धमकी और अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक मुकेश मिश्रा, उप निरीक्षक संजय सिंह बोरा, कांस्टेबल मोहन भट्ट, राजेंद्र सिंह बिष्ट तथा मोहन सिंह बोरा शामिल रहे।
