लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी पुलिस अभियान के बीच शनिवार को राजधानी लखनऊ में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली। इंदिरा कैनाल रोड पर हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया। संजीव लखनऊ के चर्चित बिल्डर एवं प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और बीते लगभग एक महीने से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, 27 जून को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम अपराधियों की तलाश में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान इंदिरा कैनाल रोड पर संजय उर्फ संजीव की मौजूदगी की सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया।
पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
पुलिस का दावा है कि खुद को चारों ओर से घिरा देख संजय उर्फ संजीव ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो संजय को लगी। गंभीर रूप से घायल बदमाश को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और घटनास्थल से पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर
पुलिस जांच के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र स्थित चक कोदार गांव का रहने वाला था। वह 27 मई 2026 को लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए चर्चित बिल्डर एवं प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। घटना के बाद से वह लगातार फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं। उसकी गिरफ्तारी पर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
कई जिलों में दर्ज हैं हत्या समेत गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय उर्फ संजीव एक आदतन और शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, अयोध्या, बस्ती समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी और अन्य संगीन अपराधों के मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि संजय के संबंध अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग से रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उसने इन गैंगों के सदस्यों के साथ मिलकर कई सनसनीखेज आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस अब संजय के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसके संपर्क में रहे अन्य अपराधियों और गैंग से जुड़े सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में वह किन लोगों के संपर्क में था और किन वारदातों की साजिश रची जा रही थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि प्रदेश में संगठित अपराध और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
