- सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर नवजात को मिलेगी 1 ग्राम सोने की अंगूठी, ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना पर हर साल खर्च होंगे करीब 756 करोड़ रुपये
तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों और मातृत्व सम्मान से जुड़ी एक अनूठी योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर बच्चे को सरकार की ओर से 1 ग्राम सोने की अंगूठी उपहार के रूप में दी जाएगी। योजना का नाम ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ (Thai Maman Gold Ring Scheme) रखा गया है। इसका औपचारिक शुभारंभ 15 सितंबर को किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, प्रत्येक नवजात को दी जाने वाली सोने की अंगूठी की कीमत मौजूदा बाजार दर के अनुसार करीब 13,600 रुपये होगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन के लिए सरकार ने सालाना करीब 755.83 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
तमिल परंपरा से जुड़ा है योजना का भाव
यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे तमिल संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से भी जोड़ा गया है। तमिल समाज में ‘थाईमामन सीर’ नाम की एक पुरानी परंपरा है, जिसके तहत बच्चे के जन्म पर मां का भाई यानी मामा नवजात का स्वागत करता है और उसे आशीर्वाद स्वरूप उपहार देता है।
इसी परंपरा से प्रेरणा लेते हुए सरकार ने कहा है कि अब सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए सरकार खुद एक ‘मामा’ की भूमिका निभाएगी और बच्चे के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए सोने की अंगूठी भेंट करेगी।
सरकारी अस्पतालों में प्रसव को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस योजना से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा मिलेगा। योजना को माताओं के सम्मान, नवजात के स्वागत और परिवारों को भावनात्मक सहयोग देने वाली पहल के रूप में पेश किया जा रहा है।
कौन ले सकेगा लाभ
इस योजना का लाभ तमिलनाडु के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा। योजना को लागू करने और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि पात्र परिवारों तक इसका लाभ पहुंच सके।
तमिलनाडु सरकार की यह पहल देश में अपनी तरह की अलग योजनाओं में गिनी जा रही है, जहां एक सांस्कृतिक परंपरा को सरकारी कल्याण योजना का रूप देकर नवजात बच्चों के स्वागत और मातृत्व के सम्मान से जोड़ा गया है।
