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रुद्रपुर। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क जनता और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। जिस UPI व्यवस्था को देश में डिजिटल और कैशलेस भारत की नींव के रूप में आगे बढ़ाया गया, उसी व्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना बेहद चिंताजनक है।

संजय जुनेजा ने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को पूरी तरह अपनाया और ग्राहकों को डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक UPI के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालना उनके साथ धोखा और उनकी पीठ में छुरा घोंपने जैसा फैसला है।

उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारी पहले से ही बढ़ती लागत और व्यापारिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान से जुड़ी अतिरिक्त लागत बढ़ने से व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है और इसका अप्रत्यक्ष असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ने की आशंका है।

जुनेजा ने कहा कि सरकार एक तरफ डिजिटल और कैशलेस भारत को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल भुगतान व्यवस्था में अतिरिक्त शुल्क की व्यवस्था करना उसकी नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। UPI को देश के आम नागरिक और व्यापारी इसलिए अपना रहे हैं क्योंकि यह आसान, तेज और सुविधाजनक भुगतान माध्यम है। इसे अतिरिक्त शुल्क के बोझ से दूर रखा जाना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क की तत्काल समीक्षा की जाए और व्यापारियों एवं आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सरकार को व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय UPI को पूरी तरह सरल, सस्ता और व्यापारी हितैषी बनाए रखना चाहिए।

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