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  • एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में ट्रांजिट कैंप पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के कार्यालय और संबंधित दस्तावेजों को किया गया सील।
  • वीजा और वर्क परमिट के नाम पर ₹20 हजार लेने की शिकायत, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।

रुद्रपुर। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के आरोप में ऊधमसिंहनगर पुलिस ने इमिग्रेशन कार्यालय संचालक को गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कार्यालय और संबंधित दस्तावेजों को सील कर दिया। मामले में पुलिस की अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को शमशेर निवासी ग्राम सहदौरा, थाना पुलभट्टा ने कोतवाली ट्रांजिट कैंप में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी मुलाकात मो. अलीम से हुई थी, जिसने उनके पुत्र को वीजा और वर्क परमिट के माध्यम से विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था।

आरोप है कि शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र की कंप्यूटर डिप्लोमा मार्कशीट, पासपोर्ट और ₹20 हजार आरोपी को सौंपे थे। इसके बावजूद न तो उनके पुत्र को विदेश में नौकरी के लिए भेजा गया और न ही वीजा, परमिट तथा शैक्षणिक दस्तावेज वापस किए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

मुकदमा दर्ज कर आरोपी को किया गिरफ्तार

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मो. अलीम को उसके कार्यालय जेड ग्लोबल कैरियर इमीग्रेशन सर्विस, चार साहिबजादे चौक, आवास विकास, रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार्यालय और संबंधित दस्तावेजों को सील कर दिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. अलीम पुत्र जमील अहमद, निवासी प्रीत बिहार, रुद्रपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 29 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और उत्प्रवास अधिनियम की धारा 10/24 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

ऊधमसिंहनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति या इमिग्रेशन एजेंसी को पैसे देने से पहले उसकी विश्वसनीयता और आवश्यक पंजीकरण की जांच जरूर करें। धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।

पुलिस टीम में शामिल: वरिष्ठ उपनिरीक्षक मुकेश मिश्रा और हेड कांस्टेबल मनोज बोरा।

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