IMG-20261001-WA0117
  • राजकुमार ठुकराल ने रिटर्निंग ऑफिसर से मांगी 22 सितम्बर की रात की पूरी रिकॉर्डिंग, प्रत्याशी व मतदान अभिकर्ताओं को स्ट्रांग रूम से बाहर किए जाने का लगाया आरोप

किच्छा। किच्छा नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष एवं सभासदों के निर्वाचन के बाद स्ट्रांग रूम की व्यवस्था और वहां प्रत्याशियों एवं उनके मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 का सहारा लेते हुए रिटर्निंग ऑफिसर/लोक सूचना अधिकारी से किच्छा मंडी समिति परिसर स्थित स्ट्रांग रूम की CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है।

राजकुमार ठुकराल की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर, किच्छा नगरपालिका परिषद निर्वाचन, ऊधमसिंहनगर को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि नगरपालिका परिषद किच्छा के अध्यक्ष एवं सभासदों के निर्वाचन के संबंध में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद स्ट्रांग रूम को सील किया गया था आवेदन में कहा गया है कि मतदान प्रक्रिया के बाद दोपहर एवं शाम के समय रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से यह निर्देश दिए गए थे कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एवं उनके मतदान अभिकर्ता ही स्ट्रांग रूम के पास उपस्थित रहेंगे।

आवेदन में एक अन्य नगरपालिका क्षेत्र में अपनाई गई प्रक्रिया का भी उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वहां अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एवं उनके मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम सील कराया गया था। इसी संदर्भ में किच्छा में अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित समय की CCTV रिकॉर्डिंग मांगी गई है।

RTI आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 22 सितम्बर की रात करीब 10:25 बजे से 11:15 बजे के बीच कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह तथा उनके मतदान अभिकर्ता को स्ट्रांग रूम के बाहर कर दिया गया। इसके बाद अन्य प्रत्याशियों को पुनः आमंत्रित कर स्ट्रांग रूम को बंद/सील कराए जाने का उल्लेख आवेदन में किया गया है।

राजकुमार ठुकराल ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत किच्छा मंडी समिति परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम के अंदर और बाहर लगे सभी CCTV कैमरों की संबंधित अवधि की फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन में विशेष रूप से उस अवधि की रिकॉर्डिंग मांगी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्ट्रांग रूम के आसपास उस दौरान कौन-कौन मौजूद था और सीलिंग की प्रक्रिया किस प्रकार संपन्न हुई।

आवेदन में कहा गया है कि मांगी गई CCTV फुटेज उपलब्ध कराए जाने से संबंधित पूरी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके लिए RTI आवेदन के साथ 10 रुपये का शुल्क भी संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है। फुटेज सामने आने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति अब पूरे मामले में रिटर्निंग ऑफिसर/लोक सूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली CCTV फुटेज महत्वपूर्ण होगी। रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित समय में स्ट्रांग रूम के भीतर और बाहर क्या गतिविधियां हुईं तथा प्रत्याशियों एवं उनके मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर वास्तव में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।।

error: Content is protected !!