होटल में पीट-पीटकर उतारा था मौत के घाट
रुड़की (विशेष संवाददाता): उत्तराखंड की भगवानपुर कोतवाली पुलिस ने आधुनिक टेक्नोलॉजी और सटीक इनवेस्टिगेशन का बेहतरीन तालमेल पेश करते हुए महज़ 48 घंटे के भीतर अज्ञात युवक की सनसनीखेज हत्या का पर्दाफाश कर दिया है. गृह मंत्रालय के अत्याधुनिक NETGRID (नेटग्रिड) सॉफ्टवेयर की मदद से पुलिस ने पहले अज्ञात शव की शिनाख्त की और फिर कत्ल की कड़ियों को जोड़ते हुए बीटेक और बी.फार्मा जैसी ऊंची डिग्री ले रहे 5 पढ़े-लिखे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल क्रेटा कार, स्कॉर्पियो, कत्ल में प्रयुक्त डंडे और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. हालांकि, दो आरोपी अभी भी फरार हैं.
नदी किनारे मिला था लहूलुहान शव, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए थे सबूत
मामला बीते रविवार का है, जब भगवानपुर पुलिस को सूचना मिली कि बहबलपुर से लव्वा गांव जाने वाले रास्ते पर नदी के किनारे एक अज्ञात युवक की लाश पड़ी है. शव को देखकर साफ था कि उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की गई है और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को रुड़की के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया. चूंकि मृतक के पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला था, इसलिए पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी शिनाख्त की थी.
‘NETGRID’ पोर्टल ने 48 घंटे में खोल दी शिनाख्त की उलझन
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह द्वारा पूर्व में दिए गए तकनीकी निर्देशों का पालन करते हुए भगवानपुर पुलिस ने गृह मंत्रालय द्वारा संचालित NETGRID PORTAL का सहारा लिया. पुलिस ने जैसे ही अज्ञात शव की तस्वीर पोर्टल पर अपलोड की, AI आधारित सॉफ्टवेयर ने मृतक के चेहरे से मिलते-जुलते 10 संदिग्धों का डेटा पुलिस के सामने रख दिया, जो उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के थे.
इसके बाद पुलिस टीमों ने तत्काल ग्राउंड पर दौड़ लगाई. सहारनपुर, देवबंद, बिजनौर, मुरादाबाद और हिमाचल प्रदेश जैसे इलाकों में सघन सत्यापन (वेरिफिकेशन) अभियान चलाया गया. आखिरकार मृतक की पहचान कलीम (पुत्र मुरादु), निवासी ग्राम बचीटी, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर (यूपी) के रूप में हुई.
एसपी देहात, शेखर चंद्र सुयाल ने बताया: “17 मई को शव मिलने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर कई टीमों का गठन किया गया था. गृह मंत्रालय के NETGRID पोर्टल की मदद से मृतक कलीम की पहचान देवबंद निवासी के रूप में हुई. इसके बाद हमारी टीम ने तह तक जाकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 फरार आरोपियों की तलाश जारी है.”
आधी रात को होटल का विवाद और ‘क्रेटा’ की वो डिग्गी
शिनाख्त होने के बाद जब पुलिस ने मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस/सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, तो पता चला कि वारदात वाली रात इलाके में एक संदिग्ध काली क्रेटा कार देखी गई थी. जांच को आगे बढ़ाने पर चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि मृतक कलीम और उसका भाई कामिल सलेमपुर में किराए पर रहकर काम ढूंढ रहे थे. 17 मई की रात दोनों भगवानपुर के एक होटल में खाना खाने गए थे. वहां किसी बात को लेकर होटल संचालक और उसके साथियों का कलीम-कामिल से विवाद हो गया. आरोपियों ने दोनों भाइयों को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया. कामिल तो जान बचाकर भाग निकला, लेकिन आरोपियों ने कलीम को तब तक पीटा जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं. मौत पक्की होने के बाद आरोपियों ने कलीम की लाश को क्रेटा कार की डिग्गी में डाला और लव्वा गांव के पास खेतों के रास्ते ले जाकर नदी किनारे फेंक दिया.
पढ़े-लिखे छात्र बने ‘कातिल’
पुलिस ने 19 मई को घेराबंदी कर हसनपुर मदनपुर पुल के पास से 5 आरोपियों को दबोच लिया. हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी पढ़े-लिखे हैं और बीटेक व बी.फार्मा जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं. पकड़े गए आरोपियों में खुब्बनपुर (भगवानपुर) के रहने वाले सौरभ चौहान पुत्र संजय कुमार, अंकित कुमार पुत्र संतोष कुमार और हर्ष पुत्र प्रवीण चौहान शामिल हैं. इनके साथ ही सलेमपुर राजपुताना (रुड़की) निवासी अनमोल सैनी पुत्र भीशम सैनी और गागलहेड़ी (सहारनपुर) निवासी विशाल सैनी पुत्र राजेश सैनी को भी गिरफ्तार किया गया है.
पूछताछ में कुबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हर्ष और अंकित चौहान ने यह होटल लीज पर लिया हुआ है, जिसे चलाने में अर्पित और ऋषि भी उनकी मदद करते हैं. घटना की रात जब विवाद बढ़ा, तो इन सबने मिलकर कलीम को मौत के घाट उतार दिया. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी अर्पित और ऋषि की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही है.
