motion_photo_2586960080693439036
  • धान के नुकसान पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग, गन्ने का समर्थन मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल करने और चीनी मिलें नवंबर के प्रथम सप्ताह में चालू करने की उठाई मांग

रुद्रपुर। बेमौसम आंधी-तूफान और भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर किसानों की मांगों पर सकारात्मक और त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

धान की फसल के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के कारण धान, गन्ने और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने बर्बाद हुई धान की फसल के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से तत्काल मुआवजा देने की मांग की। साथ ही ओलावृष्टि से नष्ट हुई गन्ने और अन्य फसलों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।

बिजली बिल माफ करने और गन्ने का मूल्य 700 रुपये करने की मांग

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकट से जूझ रहे किसानों के बिजली बिल तत्काल प्रभाव से माफ करने की मांग की। इसके अलावा आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने की मांग भी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की सभी चीनी मिलों को नवंबर के प्रथम सप्ताह में अनिवार्य रूप से चालू किया जाए, ताकि किसान समय पर गन्ने की आपूर्ति कर खेत खाली कर सकें और गेहूं की बुआई शुरू कर सकें।

इस दौरान किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोनू कंग, राजेंद्र सिंह, त्रिनाथ विश्वास, चेतन मांगट, किशोर हाल्दार, शराफत अली मंसूरी, अंकुर चावला, विक्रमजीत सिंह, प्रीति साना, मोनिका ढाली, उमा सरकार, हरभजन सिंह, गुरबक्श सिंह, नवदीप कंग, ललित बिष्ट और केरू मंडल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

error: Content is protected !!