- पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने 66 रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में दोहरे मतदाता पंजीकरण और तय सीमा से अधिक आपत्तियां दर्ज कराने का उठाया मुद्दा
रुद्रपुर। 66 रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ठुकराल ने एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत लोगों तथा कथित तौर पर फर्जी एवं कूटरचित आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आग्रह किया है।
ठुकराल ने पत्र में कहा कि S.I.R. के दौरान ऐसे नागरिकों की पहचान की जानी चाहिए, जिनका नाम रुद्रपुर के अलावा किसी अन्य नगर, ग्रामीण क्षेत्र, जनपद अथवा प्रदेश की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। उन्होंने कहा कि एक नागरिक का पूरे देश में एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकरण होना चाहिए और नियम विरुद्ध तरीके से दोबारा नाम दर्ज कराने के मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व विधायक ने S.I.R. प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं द्वारा दिए जाने वाले घोषणा पत्र और उसमें गलत जानकारी देने पर लागू कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
125 आपत्तियों का किया उल्लेख
ठुकराल ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि 66 रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में एक आपत्तिकर्ता कार्तिक गीक द्वारा 125 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य आपत्तिकर्ताओं द्वारा भी निर्धारित संख्या से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। पत्र में 93, 92, 63, 61, 48, 39, 43 और 36 आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि इन आपत्तियों के साथ कथित तौर पर कोई प्रमाण या साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है। ठुकराल ने प्रशासन से आपत्तिकर्ताओं को बुलाकर उनकी आपत्तियों के संबंध में प्रमाण एवं साक्ष्य प्राप्त करने की मांग की है।
कूटरचित आपत्तियों की जांच की मांग
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ आपत्तियां आपत्तिकर्ताओं के नाम से किसी निजी कार्यालय से दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने इसे निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित और भ्रमित करने वाला कथित राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए इसकी जांच की मांग की।
ठुकराल ने जिलाधिकारी से उनके द्वारा 6 और 7 अगस्त 2026 को भेजे गए पूर्व पत्रों का भी संज्ञान लेने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई दस्तावेज, बयान या आपत्ति जाली, झूठी, मनगढ़ंत अथवा जानबूझकर गलत पाई जाती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की है।
