- बारावफात जुलूस के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण का वीडियो हुआ था वायरल, SSP अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई
रुद्रपुर। बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक के पास कथित भड़काऊ एवं उकसाऊ भाषण देने के मामले में कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने संज्ञान लिया था।
पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को बारावफात पर्व के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ। इसमें रुद्रपुर के त्रिशूल चौक के पास जुलूस के दौरान खुले वाहन में बैठकर धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद द्वारा कथित तौर पर भड़काऊ एवं उकसाऊ भाषण दिए जाने की बात सामने आई।
मामले में प्रथम दृष्टया विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्यता एवं सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए कोतवाली रुद्रपुर में FIR संख्या 434/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने धारा 196(2) BNS के तहत अभियोग पंजीकृत किया था। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 152(2) BNS की भी वृद्धि की गई।
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP अजय गणपति ने प्रभावी विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने 29 अगस्त 2026 को मुफ्ती मुजीब अहमद पुत्र जमील अहमद, प्रधानाचार्य खेड़ा मदरसा, मूल निवासी पर्वतपुर, थाना टांडा, जनपद रामपुर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
SSP अजय गणपति ने जनपदवासियों से आपसी भाईचारा, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से भड़काऊ वक्तव्यों, अफवाहों और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को प्रसारित या साझा नहीं करने को कहा है।
पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक या भड़काऊ सामग्री पर बिना सत्यापन विश्वास न करें और उसे आगे प्रसारित करने से बचें। पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
