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रुद्रपुर (नवभारत मीडिया ब्यूरो)। ऊधमसिंह नगर जनपद के रुद्रपुर से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। ट्रांजिट कैंप के मोहल्ला विवेक नगर में आज उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एसडीओ अनु मदान के नेतृत्व में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची विद्युत विभाग की टीम को जनता और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। तीखी नोकझोंक और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विभाग की टीम को बिना मीटर लगाए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस दौरान माहौल इतना गरमा गया कि एक स्थानीय व्यक्ति ने डंडे से मारकर स्मार्ट मीटर को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद विभाग उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

पहले पूंजीपतियों और भाजपा नेताओं के घरों में लगाओ मीटरः ठुकराल

जैसे ही विवेक नगर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का, सूचना मिलते ही पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी मौके पर पहुंच गए। ठुकराल ने एसडीओ अनु मदान को सीधे शब्दों में घेरते हुए कहा कि नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। विद्युत विभाग को यदि स्मार्ट मीटर लगाने ही हैं, तो सबसे पहले पूंजीपतियों, भाजपा के जनप्रतिनिधियों और बड़े नेताओं के भवनों में लगाए जाएं, उसके बाद ही आम जनता के घरों का रुख करें।

पूर्व विधायक ने कहा कि पूर्व में जिन भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के घरों पर ये मीटर लगाए गए थे, उनमें से कई जगह से गुपचुप तरीके से स्मार्ट मीटर हटाकर दोबारा पुराने मीटर लगा दिए गए हैं। उन्होंने बिजली विभाग को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मीटर लगाने में समान नीति अपनाई जाए, क्योंकि गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पोस्टपेड मीटर है, मीटर तोड़ने वाले पर होगी कार्रवाईः एसडीओ

दूसरी ओर, हंगामे के बीच विद्युत विभाग की एसडीओ अनु मदान ने स्थानीय जनता और पूर्व विधायक को समझाने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाते हुए कहा कि इस मीटर के लगने के बाद मैन्युअल मीटर रीडिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी और बिल अपने आप यानी स्वतः जनरेट हो जाएगा। उन्होंने जनता का भ्रम दूर करते हुए साफ किया कि यह एक पोस्टपेड मीटर है, इसलिए इसमें पहले से रिचार्ज कराने की कोई बाध्यता नहीं है। इसके बावजूद यदि किसी उपभोक्ता को इसकी सटीकता पर कोई शक है, तो उसके समाधान के लिए मुख्य मीटर के साथ एक चैक मीटर भी लगा दिया जाएगा ताकि वे खुद इसकी जांच कर सकें।

एसडीओ ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरी तरह से शासनादेश के अनुसार ही किया जा रहा है। वहीं, ऑन-ड्यूटी सरकारी संपत्ति और मीटर को डंडे से तोड़ने वाले व्यक्ति को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वाले आरोपी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

विरोध के बाद वापस लौटी टीम

काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और तीखे विरोध के बाद आखिरकार विद्युत विभाग की टीम को बैकफुट पर आना पड़ा और कदम पीछे खींचने पड़े। मामले को शांत कराने और बीच का रास्ता निकालने के लिए अब आज शाम को इस संदर्भ में एक विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसमें स्थानीय लोगों और विभाग के बीच आगे की चर्चा होगी।

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