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  • पूर्व छात्रों ने वंदना सभा में विद्यार्थियों को किया प्रेरित
  • सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आदर्श कॉलोनी में डॉ. गौरव वार्ष्णेय एवं विजयपाल का हुआ आत्मीय स्वागत

रुद्रपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आदर्श कॉलोनी, रुद्रपुर में आयोजित प्रातःकालीन वंदना सभा में विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. गौरव वार्ष्णेय एवं विजयपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय परिवार की ओर से दोनों पूर्व छात्रों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अपने पूर्व विद्यालय में वापस आकर विद्यार्थियों के बीच संवाद करना दोनों के लिए भावुक एवं गौरवपूर्ण अवसर रहा।

वंदना सभा को संबोधित करते हुए डॉ. गौरव वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने तथा अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने, निरंतर सीखने तथा असफलताओं से घबराए बिना आगे बढ़ने का आह्वान किया।

डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों से परिचित होने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पंच परिवर्तन एवं पंचकोशीय विकास की अवधारणा से परिचित कराते हुए अपने जीवन में अनुशासन, संयम, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं सेवा भाव को अपनाने की प्रेरणा दी।

उन्होंने विद्या भारती की शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास के साथ उनमें संस्कार, राष्ट्रभावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना है। वंदना, योग, खेल, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियाँ इसी सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

अपने संबोधन में डॉ. वार्ष्णेय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जिस विद्यालय से उनकी शिक्षा एवं संस्कारों की यात्रा शुरू हुई, उसी विद्यालय में लौटकर नई पीढ़ी के विद्यार्थियों से संवाद करना उनके लिए अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण अनुभव है। उन्होंने विद्यालय में हुए उल्लेखनीय आधारभूत संरचना विकास एवं शैक्षणिक प्रगति की सराहना करते हुए विद्यालय प्रबंध समिति एवं प्रधानाचार्य नीरज अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

विद्यालय के पूर्व छात्र विजयपाल, जो पूर्व छात्र परिषद के प्रांतीय संयोजक के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में गेस्ट फैकल्टी के रूप में शिक्षण कार्य कर रहे हैं, ने भी विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार से संवाद किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य नीरज अग्रवाल ने विद्यालय परिवार की ओर से डॉ. गौरव वार्ष्णेय एवं विजयपाल जी का आभार व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों का अपने विद्यालय से जुड़ना और वर्तमान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है।

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