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  • ‘ऑपरेशन साइबर हॉटस्पॉट-2026’ के तहत 179 संदिग्धों का सत्यापन, 81 पुलिस एक्ट में 13 चालान; म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम नेटवर्क की भी जांच

रुद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के कड़े निर्देशों पर जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन साइबर हॉटस्पॉट-2026’ के तहत व्यापक अभियान चलाया। जनपद के सभी 17 थाना क्षेत्रों में चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट और संभावित स्थानों पर पुलिस, साइबर सेल तथा संबंधित टीमों ने एक साथ सर्चिंग, चेकिंग और सत्यापन की कार्रवाई की।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर 179 संदिग्ध व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ ही आवश्यकतानुसार काउंसलिंग और वैधानिक कार्रवाई भी की गई।

जसपुर में 16 का सत्यापन

जसपुर क्षेत्र में 16 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। इनमें से 16 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 172(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 35 व्यक्तियों की काउंसलिंग कराई गई।

काशीपुर में 46 व्यक्तियों का सत्यापन

काशीपुर क्षेत्र में 46 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने 81 पुलिस एक्ट के तहत 06 चालान, 35 व्यक्तियों की काउंसलिंग, 04 गिरफ्तारियां और एक व्यक्ति को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की। वहीं आईटीआई क्षेत्र में 03 व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी काउंसलिंग कराई गई।

बाजपुर और गदरपुर में भी कार्रवाई

बाजपुर में 06 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिसमें एक मामले में एफआईआर की प्रक्रिया जारी है। गदरपुर में 08 व्यक्तियों का सत्यापन कर काउंसलिंग के बाद बंधपत्र तैयार किए गए।

दिनेशपुर में 25 का सत्यापन

दिनेशपुर क्षेत्र में पुलिस ने 25 व्यक्तियों का सत्यापन किया। इनमें से 10 व्यक्तियों को पूछताछ और जांच के लिए लाया गया, जबकि 06 व्यक्तियों को धारा 35(3) बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया।

रुद्रपुर, सितारगंज और नानकमत्ता में भी दबिश

रुद्रपुर में 03 और नानकमत्ता में 04 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनके संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। सितारगंज में 08 व्यक्तियों का सत्यापन करने के साथ ही 03 एफआईआर से संबंधित पतों पर दबिश दी गई।

खटीमा में सबसे अधिक 60 व्यक्तियों का सत्यापन

खटीमा क्षेत्र में पुलिस ने सबसे अधिक 60 व्यक्तियों का सत्यापन किया। इस दौरान 81 पुलिस एक्ट के तहत 07 चालान किए गए।

म्यूल बैंक अकाउंट धारकों की भी जांच

अभियान के दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट से जुड़े संदिग्ध खाताधारकों की पहचान कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा ऐसे खातों और उनसे जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों पर भी नजर

साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस टीमों ने स्थानीय सिम डिस्ट्रीब्यूटर्स के प्रतिष्ठानों पर भी जांच-पड़ताल की। सिम की बिक्री और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड एवं अन्य जानकारी की जांच की गई।

साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कवायद

पुलिस का फोकस साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों, फर्जी सिम और संदिग्ध व्यक्तियों के नेटवर्क की पहचान करने पर है। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है।

एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि साइबर अपराध में म्यूल खातों या फर्जी सिम का इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऊधमसिंहनगर पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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