- दिल्ली पुलिस ने 989 शातिर अपराधियों की कुंडली निकाली
नवभारत मीडिया (नई दिल्ली)
दिल्ली की सड़कों पर हाल ही में हुए ‘कॉकरोच प्रोटेस्ट’ के दौरान पुलिस टीम पर हुए घातक हमले और उपद्रव की जांच में दिल्ली पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। नवभारत मीडिया को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा की निष्पक्ष और तकनीकी जांच के लिए पुलिस की क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने व्यापक स्तर पर ‘डिजिटल एविडेंस मैपिंग’ प्रक्रिया का सहारा लिया। जांच अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियोज का सघन फॉरेंसिक विश्लेषण किया।
इस हाई-टेक पड़ताल के आधार पर पुलिस ने कुल 2,873 उपद्रवियों की सटीक पहचान स्थापित कर ली है। हालांकि, जांच का सबसे सनसनीखेज पहलू तब सामने आया जब पहचाने गए लोगों का नेशनल क्राइम रिकॉर्ड डेटाबेस से मिलान कराया गया। सत्यापन के दौरान पुलिस को पता चला कि प्रदर्शन में शामिल 989 लोग कोई आम नागरिक या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि पेशेवर और आदतन अपराधी हैं।
पुलिस डोजियर और उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि इन 989 आरोपियों पर पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बलात्कार, महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, अवैध हथियारों की तस्करी (आर्म्स एक्ट), अपहरण, झपटमारी और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे जघन्य मामले दर्ज हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें आधुनिक ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) और एआई-आधारित वीडियो ट्रैकिंग टूल्स के जरिए इन सभी नामजद आरोपियों की डिजिटल लोकेशन को ट्रैक कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एकत्रित किए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की मजबूत कड़ी को अदालत में सबूत के रूप में पेश किया जाएगा। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की प्रक्रिया जारी है ।
