शराब में जहर देकर उतारा मौत के घाट, शव नहर में फेंका
शुभम कुमार, काशीपुर।
अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के अंतर्गत कोतवाली आईटीआई पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। अवैध संबंधों के चलते एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर न केवल अपने पति की हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मात्र 36 घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि बीती 1 मई को जनपद रामपुर के थाना स्वार अंतर्गत ग्राम खानपुर उत्तरी निवासी चन्द्रवती ने तहरीर दी थी कि उनका पुत्र कुलवन्त सिंह 25 अप्रैल को अपनी पत्नी गुड्डी के पास ग्राम वांसखेड़ा जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। बहु गुड्डी द्वारा मामले में भ्रामक जानकारी देने पर वादिनी ने हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने जब मामले की विवेचना शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।
यूं रची गई मौत की साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस और तकनीक का सहारा लिया, जिसमें मृतका की पत्नी गुड्डी और उसके प्रेमी कपिल मौर्या उर्फ राहुल मौर्या की लोकेशन घटना के समय एक ही स्थान पर पाई गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर गुड्डी ने स्वीकार किया कि उसके और कपिल के बीच प्रेम प्रसंग था और पति कुलवन्त उनके रास्ते का कांटा बना हुआ था। योजना के तहत 25 अप्रैल की रात गुड्डी ने अपने प्रेमी से शराब और जहर मंगवाया। इसके बाद पति को अत्यधिक शराब पिलाकर उसमें जहर मिला दिया। मौत होने के बाद आरोपी प्रेमी अपनी अल्टो कार (संख्या UP88-BB-6054) लेकर पहुँचा और दोनों ने मिलकर शव को तुमड़िया डैम की बड़ी नहर में एनएच-74 बाईपास पुल से नीचे फेंक दिया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही
प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार और एसओजी प्रभारी सुनील सूतेड़ी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इनके विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की गई है। पुलिस व SDRF की टीमें लगातार नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि मृतक का शव बरामद किया जा सके।
एसएसपी अजय गणपति ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी साक्ष्य उसे सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए पर्याप्त हैं।
