- पुलिस जांच में सामने आई दोनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका, पवित्र पर मानसिक दबाव बनाने और जितेंद्र पर पेट्रोल उपलब्ध कराने का आरोप
सितारगंज। सितारगंज बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने से महिला सरस्वती की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका सामने आई, जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त 2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पवित्र सरकार और सरस्वती गंभीर रूप से झुलसे मिले। सरस्वती करीब 80 से 90 प्रतिशत झुलसी थी। उपचार के दौरान 19 अगस्त को एम्स ऋषिकेश में उसकी मौत हो गई।
मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस ने CCTV फुटेज, CDR, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और सरस्वती के बीच करीब तीन से चार वर्षों से संबंध थे। पुलिस का कहना है कि पवित्र द्वारा सरस्वती पर संबंध और विवाह को लेकर दबाव बनाया जाता था तथा आत्महत्या की धमकियां भी दी जाती थीं। विवेचना में इन तथ्यों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की कड़ी के रूप में पाए जाने पर संबंधित धाराओं में बदलाव किया गया। पवित्र को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, दूसरे आरोपी जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका भी विवेचना में सामने आई। पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र सरस्वती को पहले से जानता था और उससे विवाह करना चाहता था। घटना वाले दिन दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई। मृतका के मोबाइल से जितेंद्र के साथ छह ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने की बात पुलिस ने कही है, जिनमें पेट्रोल की व्यवस्था, बोतल में पेट्रोल भरने और लाइटर रखने संबंधी बातचीत सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जितेंद्र ने पेट्रोल की व्यवस्था कर उसे सरस्वती को उपलब्ध कराया और बाद में उसे पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाया। इसके बाद सरस्वती टुकटुक में बैठी और उसने पेट्रोल डालकर आग लगा ली। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया है। जितेंद्र को 15 सितंबर को हिरासत में लिया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद 16 सितंबर को जिला कारागार हल्द्वानी भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की विवेचना में पवित्र सरकार की भूमिका मानसिक दबाव और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से संबंधित, जबकि जितेंद्र की भूमिका आत्महत्या के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराने और घटना से ठीक पहले सहायता करने से संबंधित पाई गई है।
गिरफ्तार आरोपी:
- पवित्र सरकार उर्फ कन्हई, उम्र 35 वर्ष, निवासी शक्तिफार्म नंबर-01, बैकुंठपुर, सितारगंज।
- जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार, उम्र 27 वर्ष, निवासी गोकुल नगरी, बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश।
