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बाजपुर में ‘लोन’ की बड़ी धोखाधड़ी: नौकर के नाम पर मालिक ने हड़पे 10 लाख रुपये; मुद्रा लोन के फर्जीवाड़े का खुलासा, वाल्मीकि समाज ने किया कोतवाली का घेराव

बाजपुर/रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में एक व्यापारी द्वारा अपने ही नौकर के नाम पर फर्जी तरीके से 10 लाख रुपये का लोन निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब बैंक ने उसे बकाया भुगतान के लिए नोटिस थमाया। मंगलवार को उत्तराखंड वाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के बैनर तले दर्जनों लोगों ने कोतवाली पहुंचकर एसआई देवेंद्र मनराल का घेराव किया और आरोपी शोरूम मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर सौंपी।

कैसे हुआ 10 लाख का खेल?

मोहल्ला मझराप्रभु निवासी पीड़ित तन्नु कुमार कश्यप ने बताया कि वह नगर के एक नामी व्यापारी के यहाँ काम करता है। आरोप है कि दुकान मालिक ने तन्नु के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर बैंक शाखा से ‘मुद्रा लोन’ के तहत 10 लाख रुपये की लिमिट (फर्जी लोन) मंजूर करा ली। तन्नु को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उसके नाम पर लाखों का कर्ज लिया जा चुका है।

बैंक नोटिस से उड़े होश

धोखाधड़ी की पोल तब खुली जब बीती 17 मार्च को बैंक की ओर से तन्नु के घर नोटिस पहुँचा। नोटिस में 10 लाख रुपये के कर्ज और उसकी किस्तों के भुगतान का जिक्र था। पीड़ित का कहना है कि उसने कभी किसी बैंक में लोन के लिए आवेदन नहीं किया। संगठन के अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि ने इस मामले में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई है, क्योंकि बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के इतनी बड़ी राशि का लोन एक साधारण नौकर के नाम पर कैसे स्वीकृत हो गया?

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