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देहरादून में ‘वर्चस्व’ की खूनी जंग: कार में गाना बजाने पर उपजा विवाद हत्या में तब्दील; बीटेक छात्र दिव्यांशु की पीट-पीटकर हत्या

देहरादून (उत्तराखंड)। शिक्षा की नगरी देहरादून का प्रेमनगर इलाका सोमवार रात उस समय दहल गया, जब एक निजी विश्वविद्यालय के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र दिव्यांशु की सरेराह फावड़े और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नृशंस हत्या की पटकथा दो महीने पहले मात्र एक गाने— ‘छोरा जाट्टा का’—को बजाने से शुरू हुई थी, जिसे ‘बिहार डिफॉल्टर’ नामक छात्र गुट ने अपनी चुनौती मान लिया था।

विवाद की पृष्ठभूमि: संगीत से शुरू हुआ ‘ईगो वॉर’

करीब दो महीने पहले दिव्यांशु के दोस्तों ने विश्वविद्यालय के गेट के सामने अपनी कार में गाना बजाया था। इसे लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों के गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई।

  • पहला हमला: 15 दिन पहले आरोपियों ने दिव्यांशु के गुट के एक छात्र के कपड़े फाड़ दिए थे।

  • दूसरी घटना: तीन दिन बाद फिर से हमला कर छात्र की बाइक छीनकर जंगल में फेंक दी गई।

  • अंतिम प्रहार: सोमवार रात जब दिव्यांशु खाना खाने बाजार गया, तो 15 आरोपियों ने उसे घेर लिया और ‘दबकर रहने’ की धमकी देते हुए मौत के घाट उतार दिया।

सिस्टम की विफलता और मानवीय संवेदनहीनता

इस घटना ने समाज और प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं:

  1. पुलिस की अनदेखी: परिजनों का आरोप है कि पूर्व में कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रेमनगर पुलिस ने इसे ‘छात्रों का मामूली झगड़ा’ समझकर टाल दिया।

  2. तमाशबीन भीड़: 15 हमलावर भरे बाजार में दिव्यांशु को मारते रहे, लेकिन कोई भी बचाने आगे नहीं आया। अंत में एक दंपत्ति ने उसे अस्पताल पहुँचाया।

  3. एंबुलेंस की बदहाली: सीएचसी से निकलते ही एंबुलेंस खराब हो गई, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल छात्र को पुलिस की गाड़ी में ले जाना पड़ा।

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