आतंकी साजिश का ‘डिजिटल’ खुलासा: मुरादाबाद से पकड़े गए IS आतंकी हारिश के लैपटॉप ने उगले राज; टेरर फंडिंग और हैंडलर्स का नेटवर्क आया सामने
मुरादाबाद/लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की गिरफ्त में आए इस्लामिक स्टेट (IS) के संदिग्ध आतंकी हारिश से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मंगलवार को रिमांड के दौरान हुई सघन पूछताछ में हारिश के लैपटॉप और मोबाइल से ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पुष्टि होती है कि वह न केवल विदेशी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था, बल्कि प्रदेश में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए ‘टेरर फंड’ भी जुटा रहा था।
जांच के मुख्य बिंदु: मोबाइल और लैपटॉप में क्या मिला?
शुरुआत में खुद को निर्दोष बताने वाला हारिश तब टूट गया जब एटीएस अधिकारियों ने उसके डिजिटल उपकरणों से बरामद डेटा उसके सामने रखा।
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संदिग्ध वित्तीय लेन-देन: बीते कुछ महीनों में हारिश के बैंक खाते में कई संदिग्ध स्रोतों से बड़ी रकम भेजी गई थी।
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डिजिटल फुटप्रिंट्स: लैपटॉप में प्रतिबंधित जिहादी सामग्री, आईएस हैंडलर्स के साथ एन्क्रिप्टेड चैट और हमलों के संभावित ठिकानों के डिजिटल मैप्स मिले हैं।
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संदेह के घेरे में साथी: बीडीएस (BDS) की पढ़ाई के दौरान उसके साथ रहने वाले छात्रों ने बताया कि हारिश दिन-रात अपने गैजेट्स में व्यस्त रहता था और उससे मिलने कई बाहरी लोग आते थे।
एटीएस की अगली रणनीति: आमना-सामना (Confrontation)
गतिविधि विवरण रिमांड अवधि वर्तमान में एटीएस की अभिरक्षा में पूछताछ का आधार लैपटॉप, मोबाइल डेटा और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन बुधवार की योजना चिन्हित किए गए ‘ग्रुप मेंबर्स’ के साथ आमना-सामना अगला कदम टेरर फंड के अंतिम स्रोत (Final Source) का पता लगाना
