लाल किला ब्लास्ट साजिश: अंसार गजवत-उल-हिंद के दो आतंकी 15 दिन की न्यायिक हिरासत में; NIA ने पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया
नई दिल्ली। दिल्ली की विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने सोमवार को ऐतिहासिक लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट की साजिश के दो आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने आरोपियों— जमीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद भट्ट की 5 दिनों की एनआईए हिरासत खत्म होने के बाद यह आदेश जारी किया। दोनों आरोपियों को फरवरी में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए की जांच के अनुसार, ये दोनों आरोपी आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) के सक्रिय ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ (OGW) के रूप में काम कर रहे थे। इनकी मुख्य भूमिका हमले के मुख्य आरोपी को हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने की थी।
लाल किला विस्फोट: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| विस्फोट की तिथि | 10 नवंबर, 2025 |
| स्थान | लाल किला क्षेत्र, दिल्ली |
| हताहत | 14 लोगों की मृत्यु, दर्जनों घायल |
| मुख्य आरोपी | उमर उन नबी (विस्फोट में मारा गया) |
| गिरफ्तार आरोपी | जमीर अहमद (गांदरबल) और तुफैल अहमद (श्रीनगर) |
| आतंकी संगठन | अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) |
जांच के प्रमुख बिंदु
एनआईए का दावा है कि आरोपियों ने हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के लिए जरूरी साजो-सामान जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी, जो धमाके के दौरान खुद भी मारा गया था, सीधे तौर पर इन दोनों के संपर्क में था। एनआईए अब इन ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ के व्यापक नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में संभावित स्लीपर सेल्स का पर्दाफाश किया जा सके।
