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  • जिला पूर्ति अधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा ज्ञापन

रूद्रपुर। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, उत्तराखंड के बैनर तले ऊधमसिंह नगर के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र बंगा (काली) के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी के माध्यम से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर जल्द समाधान की मांग की गई। विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 20 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन में विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 से अब तक राशन विक्रेताओं को लाभांश नहीं दिया गया है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और खर्चों के बीच बिना समय पर भुगतान के राशन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करना कठिन होता जा रहा है। विक्रेताओं ने ई-पॉश मशीन प्रणाली को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। ज्ञापन में कहा गया कि बायोमैट्रिक मशीन से कोटा कनेक्ट होने के कारण अत्यधिक गर्मी के मौसम में दुकानों पर भारी भीड़ लग जाती है। राशन वितरण के दौरान नेटवर्क और मशीन संबंधी दिक्कतों के कारण उपभोक्ताओं और विक्रेताओं के बीच विवाद की स्थिति बनती है, जिससे कई बार तनावपूर्ण माहौल पैदा हो जाता है। विक्रेताओं ने मांग की कि कोटा वितरण को बायोमैट्रिक मशीन प्रणाली से हटाया जाए। इसके अलावा राज्य खाद्य योजना के तहत गेहूं वितरण पर मिलने वाले लाभांश को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ज्ञापन में कहा गया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री द्वारा प्रति कुंतल 180 रुपये लाभांश देने की घोषणा के बावजूद वर्तमान में मात्र 50 रुपये प्रति कुंतल का भुगतान किया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है। राशन विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा ऑनलाइन वितरण व्यवस्था लागू होने के बावजूद उनसे मैनुअल बिक्री रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर बनाए रखने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पूरा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होने के बाद भी अतिरिक्त कागजी कार्यवाही विक्रेताओं पर अनावश्यक बोझ डाल रही है। ज्ञापन में विभागीय अधिकारियों पर विक्रेताओं के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया गया। फेडरेशन पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन के अंत में शासन-प्रशासन से मांग की गई कि राशन विक्रेताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा पूरे जिले में आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में नगर अध्यक्ष मदन लाल खन्ना, सार्थक अग्रवाल, स. हरजीत सिंह, जुझार सिंह, नरेश अग्रवाल, अजय कालड़ा, देवेन्द्र चौहान, रवि खुराना, अशोक बत्रा, सुधीर कुमार, अजय चौहान, विजय पाल, परम हंस, सतीश शर्मा, चन्द्रपाल, अशोक सुधा, श्याम सुंदर,नीरज कुमार, कृष्ण पाल, विनोद सारस्वत, माजिद अली, रवि आर्य, ईश्वर, विक्की पाल आदि मौजूद थे।

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