हर 3 मिनट में धमाके, बंकरों में कैद जिंदगी; ईरान से लेकर दुबई तक भारतीय फंसे, परिवारों का बुरा हाल।
लखनऊ। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों, विशेषकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अवध क्षेत्र के परिवारों की नींद उड़ा दी है। युद्ध के मैदान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं—कहीं स्कूलों पर हमले हो रहे हैं, तो कहीं नमाज और उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। सोशल मीडिया और छिटपुट इंटरनेट के जरिए मिल रही जानकारियों ने यहाँ रह रहे परिजनों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
ईरान और दुबई से ‘आँखों देखी’ दहशत
ईरान में फंसे पुराने लखनऊ के जमीर अब्बास ने बताया कि स्थिति अत्यंत भयावह है। हर तीन मिनट पर धमाकों की आवाजें गूँज रही हैं और कुम (Qom) शहर के दो स्कूलों पर हुए हमले में लगभग 90 छात्र-छात्राओं की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया है। वहाँ रह रहे भारतीयों को बंकरों में रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, दुबई के जुमैरा इलाके में पाम जुबैरा होटल के पास हुए ड्रोन हमले ने वहाँ रह रहे लोगों को शारजाह शिफ्ट होने पर मजबूर कर दिया है। लखनऊ के गोमतीनगर और चौक इलाकों में रहने वाले परिवार अपनी बहनों और बेटों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण घंटों बात नहीं हो पा रही है।
बंद हुए स्कूल, रुकी नमाजें
कुवैत और कतर जैसे देशों में भी एहतियात के तौर पर भारी सख्ती बरती जा रही है। कुवैत में रह रहे वहीदुल हसन ने बताया कि वहां स्कूल बंद कर दिए गए हैं और तरावीह की नमाज पर भी रोक लगा दी गई है। लोग घरों में कैद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लखनऊ के मोअज्जम नगर और मोहनलालगंज के कई परिवार दिन-भर फोन से चिपके अपने अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
