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गैस संकट के बीच एक्शन मोड में सरकार; 4,816 छापेमारी और 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम से थमी अवैध बिक्री।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और उसकी कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशव्यापी अभियान तेज हो गया है। पेट्रोलियम पदार्थों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने प्रवर्तन एजेंसियों को खुली छूट दे दी है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ ही दिनों में रिकॉर्ड कार्रवाई की गई है।

छापेमारी के बड़े आंकड़े: एक नजर में

12 मार्च से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत पूरे प्रदेश में छापेमारी का सिलसिला जारी है। नीचे दी गई तालिका में अब तक की कार्रवाई का विवरण है:

विवरण संख्या / आंकड़े
कुल निरीक्षण और छापेमारी 4,816
कुल दर्ज FIR 70 (10 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर, 60 अन्य पर)
गिरफ्तारियां 10
कुल डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निगरानी 4,108
अभियोजन (कानूनी) कार्रवाई 67 लोगों पर

कैसे काम कर रहा है सरकारी तंत्र?

सरकार ने इस बार केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि एक मजबूत सप्लाई-चेन मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया है:

  • 24/7 कंट्रोल रूम: खाद्य आयुक्त कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी 24 घंटे तैनात हैं।

  • नियमित स्टॉक रिव्यू: जिलों में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि बुकिंग के आधार पर कंज्यूमर को समय पर रिफिल मिले।

  • फील्ड एक्टिविटी: स्थानीय प्रशासन के अधिकारी सीधे गैस एजेंसियों पर जाकर फिजिकल स्टॉक और डिलीवरी रजिस्टर की जांच कर रहे हैं।

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