आगरा में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में ढेर हुआ पवन उर्फ कल्लू; व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने का बना रखा था नेटवर्क।
आगरा। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और आगरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी पवन उर्फ कल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया है। मारा गया बदमाश कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कार्य करने के तरीके (Modus Operandi) से प्रभावित था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत आगरा के आसपास के जिलों में रंगदारी का एक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में जुटा था। वह लगातार बड़े कारोबारियों की रेकी करवाकर उनसे ‘चौथ’ की मांग कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पवन उर्फ कल्लू ने गौतमबुद्ध नगर के दो सगे कारोबारी भाइयों को आगरा भ्रमण के दौरान गनपॉइंट पर लेकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पीड़ितों के अनुसार, 31 दिसंबर को जब वे ताजमहल देखने आए थे, तब बिना नंबर की बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें डराया और खुद को पवन उर्फ कल्लू और अमित कसाना का गुर्गा बताते हुए ‘चढ़ावा’ देने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस और एसटीएफ (STF) की रडार पर था।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी के खिलाफ ताजमहल घूमने आए व्यापारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से ही एसटीएफ की टीमें पिछले तीन महीनों से आगरा में डेरा डाले हुए थीं और उसके हर मूवमेंट पर नजर रख रही थीं। आरोपी न केवल कारोबारियों को धमकाता था, बल्कि दहशत फैलाने के लिए उनके घरों के बाहर नकाबपोश युवकों से रेकी भी करवाता था। उसके पास से अवैध हथियार और बाइक बरामद की गई है।
मुठभेड़ की इस कार्रवाई ने क्षेत्र के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। पुलिस अब पवन के अन्य करीबियों और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है ताकि रंगदारी के इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
