गदरपुर/रूद्रपुर:
उत्तराखंड की गदरपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक अरविंद पांडेय और प्रशासन के बीच अतिक्रमण को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। अपने आवास और कार्यालय पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा होने के बाद, विधायक पांडेय ने एक बड़ा राजनैतिक दांव खेलते हुए खुद ही प्रशासन को सीमांकन (पैमाइश) के लिए चुनौती दे दी है।
क्या है पूरा मामला? बीती 19 जनवरी को प्रशासन की टीम ने विधायक अरविंद पांडेय के ग्राम संतोषनगर (वार्ड नंबर-3, गूलरभोज) स्थित भवन पर नोटिस संख्या 2654 के तहत एक नोटिस चस्पा किया था। इस नोटिस में विधायक के भवन को अतिक्रमण की श्रेणी में दर्शाया गया था। इसी कड़ी में विधायक ने अब प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
विधायक का पत्र और प्रशासन को चुनौती विधायक अरविंद पांडेय ने 19 फरवरी 2026 को एसडीएम और तहसीलदार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके भवन और कार्यालय की राजस्व विभाग द्वारा विधिवत पैमाइश कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि यह पूरी प्रक्रिया उनकी उपस्थिति में पारदर्शी ढंग से हो। पांडेय ने अपने पत्र में कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा है, “यदि भवन सरकारी भूमि पर पाया जाता है, तो प्रशासन नियमानुसार उसे अपने कब्जे में ले सकता है। मुझे या मेरे परिजनों को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।”
बढ़ा राजनैतिक तापमान विधायक के इस कदम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। ज्ञात हो कि संबंधित भूमि की शिकायत पूर्व में भी प्रशासन तक पहुँची थी, जिसके बाद राजस्व टीम ने प्रारंभिक जांच की थी। अब विधायक द्वारा औपचारिक रूप से सीमांकन की मांग किए जाने के बाद, प्रशासन जल्द ही पैमाइश की तिथि तय कर सकता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। ‘नव भारत मीडिया’ इस मामले के हर अपडेट पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।
