वाराणसी: कफ सिरप तस्करी की ‘काली कमाई’ को शराब के ठेकों से किया ‘सफेद’; हवाला कारोबारी की मां-पत्नी समेत 5 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी (कोतवाली)। धर्म नगरी वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और एसआईटी (SIT) की जांच में सामने आया है कि तस्करी से अर्जित करोड़ों की ब्लैक मनी को शराब के कारोबार के जरिए ‘व्हाइट’ किया जा रहा था। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की मां और पत्नी समेत पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य न होने की बात कहते हुए अदालत ने फिलहाल उन्हें न्यायिक रिमांड पर लेने से इनकार कर दिया और उन्हें रिहा कर दिया गया।
शराब के ठेकों का ‘लॉटरी सिस्टम’ और महिलाओं का इस्तेमाल
जांच में खुलासा हुआ है कि सोनभद्र जेल में बंद भोला प्रसाद जायसवाल ने अपनी कंपनी ‘शैली ट्रेडर्स’ के माध्यम से लॉटरी सिस्टम का सहारा लिया। उसने हवाला कारोबारी वैभव की मां राधिका और पत्नी शिवांगी समेत अन्य महिलाओं के नाम पर अंग्रेजी शराब की दुकानों के लाइसेंस लिए। इन दुकानों में कफ सिरप की तस्करी से मिली अवैध धनराशि को निवेश किया गया ताकि उसे वैध आय दिखाया जा सके।
फरार शुभम को हवाला के जरिए पहुँच रही थी मदद
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, भगोड़े अपराधी शुभम जायसवाल को उसकी फरारी के दौरान इन्हीं शराब दुकानों से प्राप्त मुनाफे का हिस्सा हवाला के जरिए पहुँचाया जा रहा था। चौकाघाट के एक बड़े शराब कारोबारी ने इस सिंडिकेट में शुभम, एक साड़ी कारोबारी और होटल व्यवसायी को शामिल कर 6 अंग्रेजी शराब की दुकानें मुहैया कराई थीं।
टाटा और यादव की पेशी टली
इस मामले के अन्य मुख्य आरोपी अमित सिंह टाटा और अमित यादव, जो वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद हैं, उनकी मंगलवार (7 अप्रैल) को होने वाली पेशी किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी। पुलिस अब उन्हें ‘वारंट बी’ पर लाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, जिससे इस सप्लाई चेन के अन्य बड़े नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।
