देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने टिकट के दावेदारों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि पार्टी में केवल ‘जिताऊ’ (Winability) आधार पर ही प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा। डॉ. रावत का एक ताजा बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने चुटकी लेते हुए यहाँ तक कह दिया कि “टिकट तो अभी राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है।”
सिफारिशी राजनीति पर कड़ा प्रहार कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. हरक सिंह रावत ने उन नेताओं पर निशाना साधा जो अभी से अपनी उम्मीदवारी पक्की मानकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ लोग मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी का नाम लेकर दावा कर रहे हैं कि उनका टिकट फाइनल हो चुका है, जबकि वास्तविकता इससे परे है। रावत ने दो-टूक शब्दों में कहा कि भले ही कोई हरक सिंह, गणेश गोदियाल या प्रीतम सिंह का कितना भी करीबी क्यों न हो, टिकट केवल उसे ही मिलेगा जिसमें चुनाव जीतने का दम होगा।
‘पार्टी का सिपाही हूँ, दरी बिछाने को भी तैयार’ अपनी भविष्य की रणनीति पर बोलते हुए डॉ. रावत ने अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी का एक निष्ठावान सिपाही हूँ। यदि किसी सीट पर कोई चुनाव लड़ने को तैयार नहीं होगा, तो वहाँ से मैं ताल ठोकूँगा। और यदि पार्टी मुझे चुनाव नहीं लड़ाती है, तो मैं कार्यकर्ताओं के साथ दरी बिछाने और नारे लगाने से भी पीछे नहीं हटूंगा।”
गुटबाजी की चर्चाओं पर विराम संगठन के भीतर गुटबाजी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के समर्थन में नारे लगाना किसी व्यक्ति विशेष की चाटुकारिता नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत करना है। वहीं ज्योति रौतेला के पक्ष में अपनी आवाज को उन्होंने महिला सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन करार दिया।
हरक सिंह रावत के इस बेबाक बयान ने जहाँ एक ओर सिफारिशी राजनीति करने वाले नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनके ‘राहुल गांधी’ वाले कटाक्ष ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
