रुद्रप्रयाग/ऋषिकेश: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार अभूतपूर्व और सख्त कदम उठाने जा रहा है। केदारनाथ मंदिर परिसर की गरिमा और दर्शनार्थियों की श्रद्धा को बनाए रखने के लिए इस बार परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले श्रद्धालुओं पर भारी जुर्माना लगाने की भी तैयारी है।
मंदिर समिति को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी जिला प्रशासन इस प्रस्तावित व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के साथ निरंतर समन्वय बना रहा है। विचार किया जा रहा है कि मंदिर क्षेत्र में प्रवेश से पहले ही श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन जमा कराने की व्यवस्था की जाए। यदि यह योजना लागू होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मंदिर समिति को सौंपी जा सकती है।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला? बीते कुछ वर्षों में देखा गया है कि केदारनाथ धाम में दर्शन के दौरान मोबाइल और सोशल मीडिया (रील और फोटोग्राफी) के अत्यधिक उपयोग से मंदिर की आध्यात्मिक शांति भंग हो रही है। तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और मंदिर समिति ने शिकायत की थी कि इससे श्रद्धालुओं के दर्शन भाव और श्रद्धा में कमी आ रही है। ऋषिकेश में हुई चारधाम यात्रा से जुड़ी उच्च स्तरीय बैठक में भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया गया था।
जुर्माने और सख्ती की तैयारी पिछली यात्राओं के कड़वे अनुभवों को देखते हुए, प्रशासन इस बार केवल हिदायत देने तक सीमित नहीं रहना चाहता। नई गाइडलाइन में स्पष्ट प्रावधान किया जा रहा है कि यदि कोई श्रद्धालु प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल का उपयोग करता पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई और भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
