आंवला को आयुर्वेद में सौ बीमारियों की एक दवा माना गया है। यह न केवल सेहत के लिए वरदान है, बल्कि आधुनिक जीवनशैली में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने का सबसे सरल साधन भी है। यदि आप रोजाना सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच आंवला पाउडर घोलकर पीते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है।
पोषक तत्वों का खजाना है आंवला आंवला एक ‘सुपरफूड’ है जिसमें विटामिन-सी की सर्वाधिक मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसमें विटामिन-ए, बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और आयरन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। सर्दियों के मौसम में आंवला जूस या चूर्ण का सेवन शरीर को भीतर से मजबूती प्रदान करता है।
आंवला चूर्ण के 5 बेमिसाल फायदे:
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बेहतर मेटाबॉलिज्म और पाचन: गुनगुने पानी के साथ आंवला पाउडर का सेवन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इससे कब्ज, एसिडिटी और पेट की अन्य समस्याओं से स्थाई राहत मिलती है।
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मजबूत इम्यून सिस्टम: विटामिन-सी की अधिकता के कारण यह सर्दी-जुकाम और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
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तेजी से वजन घटाने में सहायक: फाइबर से भरपूर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण आंवला शरीर की अतिरिक्त चर्बी को गलाने में प्रभावी भूमिका निभाता है।
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त्वचा और बालों का सौंदर्य: आंवला के एंटीऑक्सीडेंट्स बालों को जड़ से मजबूत बनाते हैं और चेहरे के दाग-धब्बों को दूर कर प्राकृतिक चमक लाते हैं। झाईयों की समस्या में भी यह अत्यंत लाभदायक है।
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तनाव और डायबिटीज पर नियंत्रण: इसमें मौजूद एंटी-स्ट्रेस गुण मानसिक स्वास्थ्य को सुधारते हैं, वहीं एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
कैसे करें सेवन? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ताजा आंवला उपलब्ध न हो तो एक चम्मच शुद्ध आंवला चूर्ण को गुनगुने पानी में मिलाकर खाली पेट लेना सबसे अधिक असरदार होता है।
