नई दिल्ली
देश की राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन विभाग ने एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। हरियाणा के अंबाला निवासी आकाश कुमार नामक युवक को जाली दस्तावेजों के आधार पर विदेश यात्रा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले सात वर्षों से अमेरिका में नकली पासपोर्ट के सहारे रह रहा था, लेकिन वतन वापसी करते ही वह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से नहीं बच सका।
दस्तावेज जांच में खुला राज मिली जानकारी के अनुसार, आकाश कुमार 9 फरवरी को ‘इमरजेंसी सर्टिफिकेट’ पर दिल्ली वापस लौटा था। हवाई अड्डे पर जब उसके पासपोर्ट की गहनता से जांच की गई, तो उसमें भारत से बाहर जाने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या साक्ष्य नहीं मिला। संदेह होने पर जब अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह वर्ष 2019 में एक फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका गया था।
एजेंट के जरिए रची गई थी साजिश पूछताछ के दौरान सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपी ने 25 अप्रैल 2019 को दिल्ली से किसी अन्य व्यक्ति के पासपोर्ट पर उड़ान भरी थी। आरोपी ने बताया कि मूल पासपोर्ट पर वीजा न मिलने के कारण उसने एक एजेंट से संपर्क किया था। उस एजेंट ने उसे एक ऐसा पासपोर्ट उपलब्ध कराया जिसमें जन्म तिथि, जन्म स्थान और पते में हेरफेर की गई थी। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से उस फर्जी पासपोर्ट की डिजिटल कॉपी भी बरामद हुई है, जो इस धोखाधड़ी का पुख्ता प्रमाण है।
पुलिस की रडार पर ‘मास्टरमाइंड’ एजेंट इमिग्रेशन अधिकारियों की शिकायत पर आईजीआई एयरपोर्ट थाने में जालसाजी और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उस एजेंट की सरगर्मी से तलाश कर रही है जिसने भारी रकम लेकर यह फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाया था। जांच टीम इस पहलू पर भी काम कर रही है कि आरोपी ने इस जाली दस्तावेज के जरिए कितनी बार अंतरराष्ट्रीय यात्राएं की हैं और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
