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मोतीचूर और चीला के बाद अब गोहरी रेंज की खदरी बीट में दिखा हाथी; आपसी संघर्ष में चोटिल होने की आशंका।

ऋषिकेश। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत गोहरी रेंज में पिछले 14 दिनों से एक घायल हाथी विचरण कर रहा है, जिसे लेकर वन्यजीव प्रेमी और पार्क प्रशासन चिंतित हैं। लगभग 25 वर्ष की आयु का यह गजराज लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। पहले यह मोतीचूर और चीला रेंज में देखा गया था, लेकिन वर्तमान में यह गोहरी रेंज की खदरी बीट में डेरा डाले हुए है। पार्क की गश्ती टीमें लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

गोहरी रेंज के अधिकारी राजेशचंद्र जोशी ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण से ऐसा प्रतीत होता है कि यह हाथी किसी आपसी संघर्ष (डिफेंडर फाइट) के दौरान घायल हुआ है। हाथी के शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान हैं, जिसके कारण उसे चलने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। वह अपने पिछले पैरों को घसीटकर चल रहा है, जो उसकी शारीरिक पीड़ा को दर्शाता है।

पार्क कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हाथी का उपचार करना है। घायल होने के कारण हाथी अत्यंत आक्रामक और आक्रोशित हो रहा है, जिससे कर्मचारी उसके समीप जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। जैसे ही कोई टीम करीब जाने का प्रयास करती है, वह हमलावर हो जाता है। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से उसकी केवल दूरबीन और थर्मल कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।

पार्क प्रशासन के अनुसार, घायल हाथी की स्थिति पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है कि क्या हाथी को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर उपचार दिया जाना संभव है या उसे प्राकृतिक रूप से स्वस्थ होने के लिए छोड़ दिया जाए। फिलहाल, आस-पास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके और हाथी को शांत वातावरण मिल सके।

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