पटना,
बिहार की राजधानी पटना में बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल परियोजना को लेकर एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (PMRC) के अनुसार, कॉरिडोर-2 के अंतर्गत मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक बनाई जा रही 6 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। इसी वर्ष अप्रैल माह तक खुदाई का कार्य पूर्ण होने की प्रबल संभावना है, जिसके तत्काल बाद पटरी (ट्रैक) बिछाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।
प्रबंध निदेशक ने किया निर्माण स्थल का निरीक्षण नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव तथा पटना मेट्रो के एमडी, संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी ने शुक्रवार को निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए। वर्तमान में पीएमसीएच से गांधी मैदान के बीच महज एक किलोमीटर का हिस्सा शेष बचा है, जिसे आधुनिक मशीनों की सहायता से तेजी से पूरा किया जा रहा है।
तकनीकी चुनौतियां और टीबीएम की भूमिका सुरंग खुदाई के इस जटिल कार्य को अंजाम देने के लिए दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, निर्माण के दौरान पुरानी इमारतों और कुछ धार्मिक संरचनाओं के रूप में तकनीकी चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए इन बाधाओं को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया है। पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘रिंग सपोर्ट सिस्टम’ जैसी नई तकनीकों का सहारा लिया गया है।
शहरी परिवहन में आएगा क्रांतिकारी बदलाव 6 किलोमीटर लंबे इस भूमिगत लिंक के तैयार होते ही स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान और पटना जंक्शन के बीच कनेक्टिविटी सुलभ हो जाएगी। टनल का ढांचा तैयार होने के बाद अगला चरण सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक बिछाने का होगा, जिसके लिए शीघ्र ही निविदाएं (टेंडर) जारी की जा सकती हैं।
इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल पटना की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी, जिससे लाखों शहरवासियों का दैनिक सफर तेज और सुरक्षित हो सकेगा।
