इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच स्थानीय परिवारों की बढ़ी धड़कनें; जिला प्रशासन ने तैयार की सूची, दूतावासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की कवायद तेज।
रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)। पश्चिम एशिया में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध के बादलों ने ऊधमसिंह नगर जिले के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। रोजगार, पढ़ाई और व्यवसाय के सिलसिले में इन देशों में रह रहे जिले के 424 नागरिक इस समय वहां के बिगड़ते हालातों के बीच फंसे हुए हैं। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन प्रवासियों की विस्तृत सूची तैयार की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम प्रवासियों और उनके परिजनों से लगातार संपर्क साध रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल इन नागरिकों की वर्तमान स्थिति का पता लगाना है, बल्कि युद्ध जैसी स्थिति में उन्हें हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान करना भी है। इस कार्य के लिए विभिन्न देशों के दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में प्रशासन ने प्रवासियों और उनके परिजनों के लिए विशेष टोल फ्री नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित की जा सके।
इन क्षेत्रों के निवासी हैं सबसे अधिक प्रभावित
प्रशासन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, जिले के बाजपुर क्षेत्र से सर्वाधिक 154 नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, जबकि खटीमा से 117 लोग वहां फंसे हुए हैं। इसी तरह सितारगंज से 50, गदरपुर से 47 और काशीपुर से 26 नागरिक वहां निवास कर रहे हैं। रुद्रपुर तहसील के 16 और नानकमत्ता के 14 प्रवासी भी इन देशों में मौजूद हैं। ये सभी नागरिक संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ईरान, इजराइल, ओमान, लेबनान, इराक, कुवैत और कतर जैसे राष्ट्रों में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
खुफिया एजेंसियां और पुलिस सक्रिय
प्रवासियों के अलग-अलग देशों में फंसे होने की सूचना के बाद ऊधमसिंह नगर की खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। खुफिया विभाग की टीमें प्रवासियों के घर-घर जाकर उनके परिजनों से संपर्क कर रही हैं और प्रवासियों की कुशलक्षेम के साथ-साथ वहां के मौजूदा हालातों की रियल-टाइम जानकारी जुटाकर उच्चाधिकारियों तक पहुंचा रही हैं। तहसीलदारों के माध्यम से पूरी सूची प्रशासन को सौंप दी गई है और परिजनों को धैर्य बनाए रखने व प्रशासन के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
