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पटना। बिहार की राजधानी के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक मेधावी छात्रा की संदिग्ध मौत ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले की गहराई से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के हाथ छात्रा की एक निजी डायरी लगी है, जिसके पन्नों में अकेलापन, अपनों से नाराजगी और मानसिक द्वंद्व की मर्मस्पर्शी दास्तां दर्ज है। डायरी में लिखी एक पंक्ति— ‘आई एम अलोन’ (मैं अकेली हूँ) —ने जांच अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से अपनी ओर खींचा है।

डायरी के पन्नों में रिश्तों की कड़वाहट एसआईटी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, छात्रा लंबे समय से एकाकीपन और मानसिक तनाव से गुजर रही थी। डायरी के विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि जहाँ वह अपने दोस्तों के प्रति नरम रुख रखती थी, वहीं अपने परिवार, विशेषकर अपने भाई के प्रति उसकी बातों में गहरी नाराजगी झलक रही थी। छात्रा ने अपने पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं का भी विस्तार से उल्लेख किया है, जिसे पुलिस अब जांच का मुख्य आधार बना रही है।

आधी रात को पिता को किए थे तीन फोन जांच में छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। घटना से पूर्व, 25 दिसंबर की देर रात 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच छात्रा ने अपने पिता को तीन बार कॉल किया था। विडंबना यह रही कि पिता ने उस समय कॉल रिसीव नहीं किया। व्याकुल छात्रा ने इसके बाद अपनी मां को व्हाट्सएप पर संदेश भी भेजा था। अगले दिन दोपहर में पिता से उसकी बात तो हुई, लेकिन तब तक छात्रा के मन में क्या चल रहा था, यह अब भी एक अनुत्तरित प्रश्न है।

टूटे हुए फोन और दवा पर गहराता संदेह एसआईटी की जांच की सुई अब परिजनों की भूमिका पर भी घूम रही है। पुलिस को जहानाबाद स्थित छात्रा के घर से उसकी मां और भाई के मोबाइल फोन टूटे हुए मिले हैं। एक ही समय में दो फोन का टूटा होना एसआईटी की नजर में महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि किसी साक्ष्य को छिपाने की साजिश हो सकती है।

इसके अतिरिक्त, छात्रा को दी गई दवाओं को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का दावा है कि छात्रा बीमार थी और उसे इलाज के लिए घर लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि उसे कौन सी दवाएं दी गई थीं, क्योंकि परिजनों ने किसी भी प्रकार की दवा देने की बात से स्पष्ट इनकार किया है।

जांच की 5 थ्योरी पर काम कर रही पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसआईटी ने अब तक की कड़ियों को जोड़कर पांच अलग-अलग थ्योरी तैयार की हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह महज एक दुखद आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरा पारिवारिक विवाद अथवा आपराधिक साजिश छिपी है। फिलहाल, छात्रा की डायरी और संदिग्ध परिस्थितियों में मिले टूटे मोबाइल इस केस की सबसे अहम कड़ियां साबित हो रहे हैं।

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