रुद्रपुर। देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने की दिशा में शनिवार को रुद्रपुर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। भारी जनसैलाब की साक्षी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर के प्रमुख त्रिशूल चौक पर स्थापित विशाल त्रिशूल का शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य लोकार्पण किया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने त्रिशूल से पर्दा हटाया, पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और जोरदार आतिशबाजी ने इस दृश्य को और भी विहंगम बना दिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोपहर बाद त्रिशूल चौक पहुंचे, जहाँ उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अजय भट्ट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। लोकार्पण स्थल पर महापौर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोरा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल और पूर्व मेयर रामपाल सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। अनावरण से पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री अमरनाथ जी सेवा मंडल द्वारा कांवरियों की सेवा हेतु लगाए गए पंडाल में पहुंचकर शिवभक्त कांवरियों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात विद्वान पंडितों के निर्देशन में मुख्यमंत्री ने त्रिशूल की विधिवत पूजा-अर्चना की और इसे जनमानस को समर्पित किया। यह परियोजना महापौर विकास शर्मा के उस संकल्प की सिद्धि है, जो उन्होंने नगर निकाय चुनाव के दौरान शहर के मुख्य चौराहों को धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से सुसज्जित करने के लिए लिया था।
इंदिरा चौक से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब यह चौक ‘त्रिशूल चौक’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुका है। स्थानीय जनता में इस नवनिर्मित प्रतीक को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। तकनीकी दृष्टि से यह विशाल त्रिशूल आधुनिक इंजीनियरिंग और मजबूती का एक बेजोड़ उदाहरण है। इसे विशेष एफआरपी (फाइबर रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक) सामग्री से निर्मित किया गया है, जो हर प्रकार के मौसम के प्रति बेहद प्रतिरोधी है। लगभग 14 गुणा 10 फीट आकार वाले इस त्रिशूल का वजन करीब 3.5 टन है, जिसे स्थिरता प्रदान करने के लिए एक विशेष कंक्रीट बेस तैयार किया गया है। पूरी परियोजना की लागत की बात करें तो मुख्य त्रिशूल के निर्माण पर लगभग 10.56 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि सिविल कार्यों और संपूर्ण सौंदर्यकरण को मिलाकर कुल लागत लगभग 28 से 30 लाख रुपये आई है।
