मुजफ्फरनगर में ‘ईदी’ के विवाद का खूनी अंत: 1500 रुपये के लिए छिड़ी जंग, पेंटर ने पत्नी और दो मासूम बच्चों को मार कर खुद भी लगाई फांसी
मुजफ्फरनगर (सिविल लाइन)। जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सरवट में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज 1500 रुपये की ‘ईदी’ को लेकर हुए घरेलू कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह खत्म कर दिया। पेंटर इरशाद (34) ने अपनी पत्नी नोरीन (30), दो वर्षीय बेटे आहिल और मात्र एक माह की दूधमुंही बेटी अक्शा की हत्या करने के बाद खुद भी फंदे से लटककर जान दे दी। मंगलवार दोपहर जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई दहल उठा।
1500 रुपये और ‘थूक कर चाटने’ की जिद
पुलिस जांच और परिजनों के बयानों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब इरशाद ने अपनी बहन शाहीन को ईदी के तौर पर 1500 रुपये दिए। पत्नी नोरीन इस बात से नाराज थी और सोमवार को उसने अपने मायके वालों को बुला लिया। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने देर रात तक हंगामा किया और इरशाद को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसे ‘थूक कर चाटने’ तक के लिए मजबूर किया गया। इसी अपमान और आत्मग्लानि में इरशाद ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
कमरे में बिछी थीं लाशें, बच्चों के मुंह से निकला झाग
मंगलवार दोपहर 12 बजे तक जब घर में कोई हलचल नहीं हुई, तो इरशाद के भाई नौशाद ने रोशनदान से झांककर देखा। अंदर इरशाद का शव फंदे से लटका था, जबकि पत्नी फर्श पर और दोनों बच्चे बिस्तर पर मृत पड़े थे। बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जहरीला पदार्थ देकर मारा गया है। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की सटीक वजह साफ होगी।
कमजोर पड़ती रिश्तों की डोर: मुजफ्फरनगर में अपराध का ट्रेंड
जिले में पिछले दो महीनों में रिश्तों के कत्ल की यह कोई पहली घटना नहीं है। छोटी-छोटी कहासुनी कैसे जघन्य अपराधों में बदल रही है, यह चिंता का विषय है:
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केस 1: शाहपुर में ननद ने टोका-टाकी से परेशान होकर भतीजी की हत्या की।
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केस 2: भोकरहेड़ी में मामूली कहासुनी पर पिता ने बेटे को गोली मार दी।
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केस 3: मोरना में दो सगी बहनों ने पिता का गला रेत कर हत्या कर दी।
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केस 4: जानसठ में प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर खुदकुशी कर ली।
