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एम्स की डॉक्टर का पीछा कर बदसलूकी करने वाले तीनों आरोपियों पर कसी गई कानूनी नकेल; नस्लीय टिप्पणी और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ीं।

गोरखपुर। एम्स की महिला डॉक्टर के साथ हुई छेड़छाड़ और नस्लीय टिप्पणी के मामले में पुलिस ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए महज चार दिन के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने पीड़िता के धारा 164 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर मुकदमे में नस्लीय टिप्पणी की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह खुद इस संवेदनशील मामले की विवेचना और निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अब कोर्ट में फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग करेगी ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द और सख्त सजा दिलाई जा सके।

यह सनसनीखेज वारदात 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे की है, जब उत्तर-पूर्व राज्य की रहने वाली महिला डॉक्टर अपने साथी के साथ मोहद्दीपुर स्थित एक मॉल से लौट रही थीं। बाइक सवार तीन मनचलों ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक उनका पीछा किया और उन पर अभद्र व नस्लीय फब्तियां कसीं। एम्स के गेट नंबर दो के पास विरोध करने पर एक आरोपी ने अमर्यादित व्यवहार करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। डॉक्टर ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

बृहस्पतिवार को कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया, जिसमें उन्होंने पूरी घटना का विस्तृत विवरण दिया। बयान की प्रति मिलने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों को संकलित कर अपनी जांच पूरी की और रिकॉर्ड समय में चार्जशीट पेश कर दी। आरोपियों पर अब एससी-एसटी एक्ट और नस्लीय टिप्पणी की धाराओं के तहत भी रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे गवाहों की समयबद्ध प्रस्तुति सुनिश्चित करेंगे ताकि कानून की नजर में यह मामला मिसाल बन सके।

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