मेरठ ‘कंकाल कांड’ में रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: बेटी की लाश के साथ खाना खाता और सोता था पिता; दुर्गंध मिटाने के लिए छिड़कता था परफ्यूम
मेरठ। मेरठ के तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका विश्वास की मौत के मामले में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जो पुलिस और आम जनता दोनों के होश उड़ा रहे हैं। ताजा जांच में सामने आया है कि प्रियंका के पिता उदयभानु विश्वास अपनी बेटी की मौत के बाद न केवल उसके शव के साथ घर में रहा, बल्कि हरिद्वार से दो बार मेरठ आने के दौरान वह उसी लाश के पास खाना खाता और सोता भी था। घर में लाश की दुर्गंध न फैले, इसके लिए वह लगातार शव पर परफ्यूम छिड़कता रहता था।
पंडित से पूछा— “अंतिम संस्कार कहाँ करूँ?”
सदर थाना प्रभारी इंद्रपाल सिंह के अनुसार, पूछताछ में उदयभानु ने बताया कि उसने हरिद्वार जाकर एक पंडित से बेटी के अंतिम संस्कार के बारे में सलाह ली थी। पंडित ने उसे सुझाव दिया था कि ‘अंतिम संस्कार मेरठ में कर दो और तेरहवीं हरिद्वार में कर देना’, लेकिन उदयभानु ने शव को घर में ही छोड़ दिया और बाहर से ताला लगाकर हरिद्वार के एक गेस्ट हाउस में ₹300 प्रतिदिन के किराये पर रहने लगा।
मोबाइल खोलेगा मौत का राज
पुलिस को हरिद्वार से प्रियंका का मोबाइल बरामद हुआ है। हैरानी की बात यह है कि प्रियंका के पास मोबाइल होने की जानकारी उसके परिजनों (ताऊ के बेटों) तक को नहीं थी। मोबाइल में अंतिम कॉल 19 नवंबर की मिली है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या मौत के बाद भी उदयभानु उस मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था? मोबाइल में कोई पासवर्ड नहीं है, जिससे जांच में आसानी होने की उम्मीद है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट रही नाकाम, अब ‘DNA’ का सहारा
प्रियंका का शव 4-5 महीने तक घर में बंद रहने के कारण पूरी तरह गल चुका था और कंकाल बन चुका था। अंग नष्ट होने के कारण पोस्टमार्टम से मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है और विसरा भी सुरक्षित नहीं रखा जा सका। अब पुलिस शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए DNA जांच कराएगी। उदयभानु का दावा है कि प्रियंका की मौत पीलिया (Jaundice) के कारण हुई थी और उसने झाड़-फूंक भी कराई थी।
